जीटी रोड के किनारे लोको टैंक के निकट पार्क बनाने के लिए हटाए गए दुकानदारों ने वैकल्पिक दुकान की मांग पर फिर की आवाज बुलंद
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:आसनसोल लोको टैंक के निकट जीटी रोड के किनारे बने पार्क और नर्सरी को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है आपको बता दें कि कुछ दिनों पहले आईएनटीटीयूसी नेता राजू अहलूवालिया के नेतृत्व में कुछ लोगों ने लोको टैंक के निकट जीटी रोड के किनारे बने पार्क और नर्सरी में तोड़फोड़ की थी यह वह लोग थे जो तकरीबन 3 साल पहले इस इलाके में दुकान लगाया करते थे लेकिन नगर निगम द्वारा उन्हें यह कह कर हटाया गया था कि उन्हें वैकल्पिक जगह पर दुकान दी जाएगी इन लोगों का कहना है कि 3 साल के लगभग बीत चुके हैं लेकिन अभी तक इन्हें वैकल्पिक जगह पर दुकान नहीं मिली है जिस वजह से अब उनके सामने अस्तित्व का संकट खड़ा हो गया है आज एक बार फिर इन दुकानदारों ने राजू अहलूवालिया के नेतृत्व में अपनी आवाज बुलंद की राजू अहलूवालिया ने कहा की 3 साल पहले नगर निगम द्वारा लोको टैंक के निकट है जीटी रोड के किनारे दुकानदारों को हटाया गया था उन्हें आश्वासन दिया गया था कि उन्हें वैकल्पिक दुकान दी जाएगी लेकिन 3 साल बीत चुके हैं अभी तक इन दुकानदारों को वैकल्पिक दुकान नहीं मिली है जबकि सिर्फ एक व्यक्ति को वहां पर नर्सरी चलाने का अधिकार दिया गया है और राजू अहलूवालिया ने आरोप लगाया कि वह इस क्षेत्र का रहने वाला नहीं है वह बुधा इलाके में किराए पर रहता था और किसी स्थानीय नेता के कहने पर मेयर द्वारा उसे नर्सरी चलाने का अधिकार दे दिया गया राजू अहलूवालिया ने यह भी कहा कि डेढ़ करोड़ के लागत से पार्क बनाया गया था लेकिन पार्क का संचालन करने वाला व्यक्ति बता रहा है कि उसे मौखिक रूप से पार्क के संचालन की जिम्मेदारी नगर निगम द्वारा दी गई है राजू अहलूवालिया ने इस बात पर आश्चर्य जताया कि डेढ़ करोड़ की लागत से जिस पार्क का निर्माण नगर निगम द्वारा किया गया था उसे पार्क के संचालन की जिम्मेदारी मौखिक रूप से किसी को कैसे दी जा सकती है उन्होंने साफ कहा कि नगर निगम को उन सभी दुकानदारों के लिए वैकल्पिक इंतजाम करना होगा जो 3 साल पहले यहां पर अपने दुकान चलाया करते थे और किसी एक व्यक्ति पर अगर इस तरह से नगर निगम मेहरबान होगा तो आने वाले समय में और बड़े पैमाने पर आंदोलन किया जाएगा उन्होंने साफ कहा कि यहां पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में गरीबों के हितों की रक्षा करने वाली सरकार चल रही है और किसी को भी उनके हितों के साथ खिलवाड़ करने नहीं दिया जाएगा वहीं जब हमने एक दुकानदार सुरेंद्र सिंह से बात की तो उन्होंने बताया कि वह यहां पर अपनी दुकान चलाया करते थे लेकिन उनको यह कहकर यहां से हटाया गया कि उन्हें वैकल्पिक दुकान दी जाएगी लेकिन लगभग 3 साल बीत चुके हैं अभी तक उनको दूसरी दुकान नहीं मिली है जिस वजह से अब उनके लिए अपना परिवार चलाना भी मुश्किल हो रहा है उन्होंने कहा कि उनके एक साथी ने आत्महत्या कर ली है और अगर स्थिति ऐसे ही बनी रही तो उन लोगों के सामने भी आत्महत्या करने के अलावा दूसरा चारा नहीं है उन्होंने कहा कि अब अगर किसी दुकानदार द्वारा आत्महत्या की जाती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी नगर निगम की होगी












