कनकधारा की तरफ से महिलाओं के लिए कानूनी जागरूकता सेमिनार का आयोजन
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:कनकधारा द्वारा गुरुवार को होटल अवोइर में “महिलाओं हेतु विधिक सहायता” विषय पर एक अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं जागरूकता से भरपूर सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को उनके विधिक अधिकारों, निःशुल्क कानूनी सहायता की प्रक्रिया तथा वैकल्पिक विवाद निपटान तंत्र की जानकारी प्रदान करना रहा।

कार्यक्रम की मुख्य वक्ता श्रीमती अम्रपाली चक्रवर्ती, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, पश्चिम बर्द्धमान, रहीं। एक न्यायिक अधिकारी के रूप में उन्होंने अपने संबोधन में बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से जरूरतमंद महिलाओं को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है तथा मध्यस्थता जैसे वैकल्पिक विवाद निपटान तंत्र के माध्यम से पारिवारिक एवं सामाजिक विवादों का समाधान सरल एवं प्रभावी तरीके से किया जा सकता है। उन्होंने महिलाओं से अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने तथा किसी भी प्रकार की कानूनी समस्या में आगे आकर सहायता लेने का आह्वान किया।

द्वितीय वक्ता श्रीमती अर्पिता साहा, केस वर्कर, वन स्टॉप सेंटर, पश्चिम बर्द्धमान, ने महिला एवं बाल पीड़ितों के लिए उपलब्ध सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वन स्टॉप सेंटर में हिंसा से पीड़ित महिलाओं और बच्चों को अस्थायी आश्रय, काउंसलिंग, चिकित्सा सहायता तथा कानूनी सहयोग एक ही स्थान पर प्रदान किया जाता है, जिससे उन्हें त्वरित और समग्र सहायता मिल सके।
सेमिनार में कनकधारा अध्यक्ष पूजा उपाध्याय, सचिव सोनिया पचीसिया एवं अन्य सदस्यों के साथ साथ, मारवाड़ी महिला समिति की अध्यक्ष सोनल गाड़ीवान एवं सदस्य, गुजराती महिला समिति की अध्यक्ष बिंदु उपाध्याय एवं सदस्यगण भी उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित महिलाओं ने विभिन्न कानूनी विषयों पर प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों द्वारा समाधान किया गया। कनकधारा की इस पहल ने समाज में विधिक जागरूकता बढ़ाने और महिलाओं को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने की दिशा में एक सार्थक प्रयास प्रस्तुत किया।












