सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की तरफ से एमएसएमई क्रेडिट आउट रीच अभियान का आयोजन
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:औद्योगिक क्षेत्र में एमएसएमई के बढ़ते महत्व को देखते हुए इस क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न प्रयास किया जा रहे हैं एमएसएमई क्षेत्र में काम करने वाले उद्यमियों को आर्थिक सहूलियत प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है इस कड़ी में कल आसनसोल के गैलेक्सी मॉल के फर्न रेजीडेंसी में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया की तरफ से एमएसएमई क्रेडिट आउट रीच अभियान के तहत इस क्षेत्र के एमएसएमई उद्यमियों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया और सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया एमएसएमई विभाग की उन्नति के लिए क्या प्रयास कर रहा है इस बारे में विस्तार से बताया गया इस मौके पर यहां सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया के सभी वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित थे जिन्होंने इस बारे में उपस्थित उद्यमियों को बताया और किस तरह से सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया एमएसएमई विभाग को बढ़ावा देने का प्रयास कर रहा है और इसके लिए किन परियोजनाओं को लाया गया है इसके बारे में जानकारी दी गई इस मौके पर यहां आसनसोल चैंबर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के मुख्य सलाहकार और डायरेक्टर सचिन राय आसनसोल चैंबर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के सेक्रेटरी विनोद गुप्ता सीनियर वाइस प्रेसिडेंट सतपाल सिंह कीर पिंकी संजय तिवारी मनोज साहा सहित इस क्षेत्र के तमाम उद्यमी उपस्थित थे इस दौरान अपना वक्तव्य रखते हुए सचिन राय ने कहा कि औद्योगिक विकास के लिए बड़े उद्योगों के साथ-साथ एमएसएमई विभाग को बढ़ावा देना अति आवश्यक है उन्होंने केंद्रीय बैंक आफ इंडिया की तारीफ करते हुए कहा कि जिस तरह से इन्होंने अपनी नीतियों को कार्यान्वित किया है उससे निश्चित तौर पर एमएसएमई सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा खासकर एमएसएमई सेक्टर के उद्यमियों तक पहुंचाने के लिए सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया द्वारा जो इस तरह के आयोजन किए जाते हैं वह काबिले तारीफ है उन्होंने कहा कि हाउसिंग सेक्टर में सेंट्रल बैंक द्वारा सबसे कम ब्याज पर कर्ज दिया जाता है यह भी एक बहुत अच्छी बात है इसके लिए भी उन्होंने सेंट्रल बैंक आफ इंडिया को धन्यवाद दिया उन्होंने कहा कि एमएसएमई विभाग के उद्यमियों को दूसरे बैंकों तक पहुंचना पड़ता है जबकि सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया खुद एमएसएमई के उद्यमियों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहा है यह निश्चित तौर पर सही दिशा में उठाया गया कदम है। वहीं विनोद गुप्ता ने भी सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया के कार्यों की तारीफ करते हुए कहा कि आज से नहीं बल्कि 1911 से सेंट्रल बैंक आफ इंडिया ने भारतवर्ष में उद्यम और उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए प्रयास किया है महात्मा गांधी स्वदेशी को बढ़ावा देने की बात करते थे सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया के संस्थापक में 25 दिसंबर 1911 से ही स्वदेशी को बढ़ावा देने के लिए प्रयास शुरू किया और सिर्फ दो कर्मचारियों के साथ सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया की शुरुआत की जो आज 4500 शाखाओं में फैल चुकी है विनोद गुप्ता ने कहा कि यह संभव इसलिए हुआ क्योंकि सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया के सभी अधिकारी और कर्मचारी ग्राहकों को अपने परिवार का हिस्सा मानते हैं और चाहते हैं कि हर एक उद्यमी का विकास हो इसलिए अन्य बैंकों से लोन लेने के लिए जहां उद्यमियों के जूते के तलवे घिस जाते हैं वही सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया द्वारा उद्योग को बढ़ावा देने के लिए खुद से पहल की जाती है और सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया की यही चीज इस बैंक को अन्य बैंकों से अलग करती है












