दुर्गापुर में कराटे अकादमी की ब्लैक बेल्ट परीक्षा, 50 छात्रों ने हासिल की सफलता
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:रविवार शाम को दुर्गापुर के सिटी सेंटर में एक निजी होटल में दुर्गापुर कराटे अकादमी द्वारा आयोजित ब्लैक बेल्ट प्रदान समारोह में 50 कराटे छात्रों ने ब्लैक बेल्ट हासिल की। यह दुर्गापुर कराटे अकादमी के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
दुर्गापुर कराटे अकादमी के मास्टर समीर कुमार मंडल ने बताया कि दुर्गापुर में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर कराटे ब्लैक बेल्ट परीक्षा आयोजित की गई। पश्चिम बर्धमान और बीरभूम जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बच्चों और किशोरों ने इस परीक्षा में भाग लिया। चार से पांच साल की कड़ी मेहनत और अभ्यास के बाद वे इस सम्मानजनक ब्लैक बेल्ट को हासिल करने में सफल हुए।
परीक्षा के परिणाम में देखा गया कि अधिकांश छात्रों ने फर्स्ट डान ब्लैक बेल्ट हासिल की। इसके अलावा, तीन छात्रों ने सेकंड डान और एक छात्र ने थर्ड डान ब्लैक बेल्ट हासिल की।
इस विशेष समारोह में प्रसिद्ध पावर लिफ्टर सीमा दत्ता चटर्जी, एडीडीए चेयरमैन कबी दत्ता और समाजसेवी रमाप्रसाद हलदर उपस्थित थे। उन्होंने सभी सफल छात्रों को बधाई दी और कराटे और मार्शल आर्ट के महत्व पर प्रकाश डाला। इस बारे में सीमा दत्त चटर्जी ने कहा कि आज यहां पर ब्लैक बेल्ट परीक्षा का आयोजन किया गया है दुर्गापुर कराटे एकेडमी की तरफ से इसका आयोजन किया गया है उन्होंने कहा कि आज इस परीक्षा केंद्र में जो लड़के और लड़कियां ब्लैक बेल्ट आने के लिए आए थे उनके अंदर जो जज्बा और जुनून देखा गया वह काबिले तारीफ है उन्होंने कहा कि इसी तरह से आयोजनों के जरिए छिपी हुई प्रतिभाओं को सामने लाया जा सकता है। वहीं समीर कुमार मंडल ने अपने वक्तव्य में कहा, “मार्शल आर्ट केवल शारीरिक क्षमता नहीं है, बल्कि यह मानसिक शक्ति और आत्म-नियंत्रण भी विकसित करता है। आज समाज में जो अपराध और विकृत मानसिकता की घटनाएं हो रही हैं, उसका मुख्य कारण मानसिक नियंत्रण की कमी है। कराटे सीखने से सेल्फ कंट्रोल विकसित होता है।”
उन्होंने आगे कहा, “आज की पीढ़ी को मैं कहना चाहता हूं – मोबाइल छोड़ो और मार्शल आर्ट सीखो। इससे शरीर और मन में संतुलन बनेगा और आत्मविश्वास बढ़ेगा।”












