ममता बनर्जी के शासनकाल में बंगाल में चल रही है दीदी गिरी – अग्निमित्रा पाल
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:आसनसोल दक्षिण की विधायक अग्निमित्रा पाल ने आज अपने आवासीय कार्यालय में संवाददाताओं से बातचीत की। उन्होंने विभिन्न मुद्दों पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी तथा राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल ही नहीं बल्कि देश के अन्य राज्यों में भी एस आई आर की प्रक्रिया चल रही है लेकिन कहीं पर भी इसका विरोध नहीं हो रहा है जैसा विरोध पश्चिम बंगाल में देखने को मिल रहा है उसकी वजह सिर्फ इतनी है कि मुख्यमंत्री को पता है कि अगर इस प्रक्रिया के बाद फर्जी मतदाताओं के नाम कट गए तो फिर 2026 के विधानसभा चुनाव में उनका जीतना मुश्किल हो जाएगा क्योंकि 2011 से अब तक मुख्यमंत्री ममता बनर्जी फर्जी मतदाताओं के दम पर ही जीत हासिल करती आईं हैं। यही वजह है कि मुख्यमंत्री बांग्लादेश और बंगाल की सीमा पर फेंसिंग करने के लिए जमीन नहीं दे रही है जिसका जिक्र गृहमंत्री अमित शाह ने लोकसभा में भी किया। उन्होंने ममता बनर्जी और टीएमसी को चुनौती देते हुए कहा कि अगर बंगाल में एसआईआर की प्रक्रिया में नाम गलत तरीके से काटे जाते हैं तो वह अदालत में जा सकतीं हैं। उन्होंने कहा कि आज ममता बनर्जी के शासनकाल में अदालत का भी सम्मान नहीं बचा अगर अदालत के किसी जज का कोई फैसला तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ जाता है तो उस न्यायाधीश के खिलाफ पोस्टर लगाए जाते हैं उनके घर के सामने पोस्टर लगाए जाते हैं साफ दिखाई देता है कि किसने यह काम किया लेकिन उसे गिरफ्तार नहीं किया जाता उन्होंने कहा कि आज बंगाल में ममता बनर्जी के शासनकाल में दादागिरी की जगह दीदी गिरी चल रही है भाजपा विधायक ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर सीधा प्रहार करते हुए कहा कि आज बंगाल में महिलाओं की कोई इज्जत नहीं है लेकिन लक्ष्मी भंडार के ₹1000 के बदले महिलाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है उनसे गलत काम करवाए जा रहे हैं उन्होंने कहा कि इससे पहले भी हमने देखा है कि किस तरह से मुख्यमंत्री द्वारा महिलाओं का आवाहन किया गया था कि जब भी केंद्रीय जांच एजेंसी की टीम आएगी तो महिलाएं अपने हाथों में घरेलू उपकरण लेकर उनका विरोध करें इससे साफ जाहिर होता है कि आज बंगाल में ममता बनर्जी के शासनकाल में महिलाओं की कोई इज्जत नहीं है लेकिन उन्हें सिर्फ अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए ममता बनर्जी इस्तेमाल कर रहीं हैं












