राजु अहलूवालिया ने आसनसोल में पार्किंग को लेकर जिला शासक से की शिकायत नगर निगम के पदाधिकारीयों पर साधा निशाना
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:टीएमसी के श्रमिक संगठन आईएनटीटीयूसी नेता राजू अहलूवालिया मैं आज पश्चिम बर्धमान जिला शासक से आसनसोल क्षेत्र में पार्किंग को लेकर शिकायत दर्ज की इस विषय पर राजू अहलूवालिया ने कहा की आसनसोल में लगभग 20 से 22 ऐसे पार्किंग संचालक हैं जिन्होंने पार्किंग का संचालन किया था लेकिन जो पैसे नगर निगम में जमा करने चाहिए थे वह पैसे उन्होंने जमा नहीं किया कुल मिलाकर करोड़ों रुपए बकाया हो चुके हैं लेकिन आसनसोल के मेयर चेयरमैन तथा पार्किंग के जिम्मेदारी संभालने वाले डिप्टी मेयर इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं जिस वजह से जनता का पैसा लूटा जा रहा है उन्होंने कहा कि 2024 में उन संचालकों को ब्लैकलिस्टेड कर दिया गया लेकिन उससे पहले उन्होंने जनता के जी पैसे की लूट की थी उसके लिए ना तो उन पर कोई लिखित पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई ना ही पैसा वापस लाने के लिए कोई प्रयास किया गया इतना ही नहीं जिन लोगों पर यह आरोप लग रहे हैं ऐसे संचालक आज भी नगर निगम में मेयर चेयरमैन तथा पार्किंग की जिम्मेदारी संभालने वाले डिप्टी मेयर के चेंबर में आते जाते रहते हैं उन्होंने कहा कि इससे जनता के बीच टीएमसी सरकार को लेकर का गलत संदेश जाता है राजू अहलूवालिया ने साफ कहा के जो पार्किंग संचालक अनियमितता में संल्पित हैं उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करना होगा और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करनी होगी यह कार्रवाई सिर्फ इसलिए नहीं हो रही है क्योंकि ऐसे भ्रष्ट पार्किंग संचालकों पर कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों का हाथ है। दूसरी तरफ जब हमने इस बारे में आसनसोल नगर निगम के पार्किंग की जिम्मेदारी संभाल रहे डिप्टी मेयर वसीम उल हक से बात की तो उन्होंने कहा कि जिस किसी ने भी यह शिकायत की है अगर उनके पास कोई जानकारी है तो वह दिन जरूर कार्रवाई होगी और रही बात पार्किंग में गड़बड़ी की तो उन्होंने यह बात बोर्ड मीटिंग में भी उठाई है और वह भी चाहते हैं कि अगर किसी ने गड़बड़ी की है तो उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो उन्होंने कहा कि वह भी जिला शासक से अनुरोध करते हैं कि इस गड़बड़ घोटाले की तह तक पहुंच जाए और जिस किसी ने भी जनता के पैसे के साथ हेरा फेरी की है उनके खिलाफ बड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए उन्होंने कहा कि मेयर या अन्य पदों पर जो लोग भी हैं वह बदलते रहेंगे लेकिन नगर निगम में जो कर्मचारी काम कर रहे हैं अगर उन कर्मचारियों में से किसी के खिलाफ भी इस तरह के आरोप पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए उन्होंने कहा कि पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सख्त कानूनी कार्रवाई जरूरी है












