विधायक अग्निमित्रा पाल ने की प्रेस मीट कहा शुभेंदु अधिकारी पर हमला लोकतंत्र पर हमले के समान
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:आसनसोल दक्षिण की विधायक अग्निमित्रा पाल ने आज अपने विधायक कार्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन किया विधायक ने बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी पर कुच बिहार में जानलेवा हमले का आरोप लगाया उन्होंने कहा कि टीएमसी मंत्री उदयन गुहा के नेतृत्व में टीएमसी कार्यकर्ताओं द्वारा पुलिस की मौजूदगी में शुभेंदु अधिकारी पर जानलेवा हमला किया गया आज शुभेंदू अधिकारी अदालत के आदेश के बाद पुलिस प्रशासन को बताकर उत्तर बंगाल के तीन भाजपा विधायकों से मिलने और एसपी ऑफिस जा रहे थे भाजपा के तीन विधायकों पर टीएमसी द्वारा हमला किया गया था इस मामले को लेकर आज शुभेंदु अधिकारी उत्तर बंगाल गए थे लेकिन वहां पर उन पर हमला किया गया अग्निमित्रा पाल ने कहा कि यह टीएमसी की संस्कृति बन चुकी है क्योंकि शुभेंदु अधिकारी टीएमसी के भ्रष्टाचार को लोगों के सामने उजागर कर रहे हैं इसीलिए हमला करके वह शुभेंदु अधिकारी को रोकना चाहते हैं लेकिन ऐसा नहीं हो सकता क्योंकि भाजपा का हर कार्य कर्ता लोगों के लिए काम करता है और कहीं पर भी लोगों के साथ अगर नाइंसाफी हो रही है तो उसे बर्दाश्त नहीं किया। जाएगा इसके लिए टीएमसी के हमले से भाजपा का कोई भी कार्यकर्ता नहीं डरेगा उन्होंने केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय से इस मामले का संज्ञान लेने का अनुरोध किया अग्निमित्रा पाल ने कहा के शुभेंदु अधिकारी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष है उनकी हैसियत भी मुख्यमंत्री के समान है लेकिन यह बड़े अफसोस की बात है कि जिस रास्ते से शुभेंदु अधिकारी जाने वाले थे उस रास्ते के बारे में पुलिस को पता था इसके बावजूद वहां पर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए थे जिस वजह से बड़ी संख्या में टीएमसी कार्यकर्ता लाठी डंडे लेकर वहां पर खड़े थे और उन्होंने लाठी डंडों और पत्थरों से भाजपा नेता की गाड़ी को तोड़ा और यह सब कुछ पुलिस की मौजूदगी में हुआ लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। अग्निमित्रा पाल ने साफ कहा कि आज शुभेंदु अधिकारी पर जो हमला हुआ वह सुनियोजित हमला था। और यह सिर्फ भाजपा के एक नेता पर हमला नहीं यह लोकतंत्र पर हमला था। उन्होंने आरोप लगाया के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा उदयन गुहा के नेतृत्व में पुलिस प्रशासन को साथ लेकर टीएमसी कार्यकर्ताओं द्वारा यह हमला करवाया गया वहीं कल्याण बनर्जी द्वारा है कल जो बयान दिया गया था उस पर अग्निमित्रा पाल ने कहा की कल्याण बनर्जी ने टीएमसी संसद में चीफ व्हीप के पद से इस्तीफा दिया है इस पर उन्हें कुछ नहीं कहना क्योंकि यह टीएमसी का अंदरूनी मामला है लेकिन कल्याण बनर्जी ने जो सवाल मुख्यमंत्री से किया है इसका जवाब ममता बनर्जी को देना होगा कल्याण बनर्जी ने कहा है कि बंगाल से चुने गए टीएमसी के 28 सांसदों में से सिर्फ 8 या 10 सांसद ही नियमित रूप से सांसद की कार्रवाई में हिस्सा लेते हैं भाजपा विधायक ने कहा कि अब ममता बनर्जी को इस बात का जवाब देना होगा कि आखिर उन्होंने किन लोगों को संसद में भेजा है जो अपने संसदीय क्षेत्र की बातें देश की सबसे बड़ी पंचायत में न रहकर संसद सत्र के दौरान अपने घरों में बैठकर आराम करते हैं वहीं अग्निमित्रा पालने टीएमसी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जो टीएमसी और ममता बनर्जी बंगाल की संस्कृति की दुहाई देते हुए रास्ते पर उतरकर आंदोलन करने की बात कहती है उन्हीं की पार्टी के एक सांसद द्वारा दूसरे संसद को अपशब्द कहे जा रहे हैं यह बंगाल की कौन सी संस्कृति है इसका जवाब ममता बनर्जी को देना होगा












