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November 5, 2026

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आसनसोल लोकसभा उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी को लेकर रहस्य बरकरार:

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आसनसोल लोकसभा उपचुनाव को लेकर मौसम की ही तरह शिल्पांचल का सियासी पारा भी चढ़ रहा है। कल भाजपा के कद्दावर नेता और सांसद अर्जुन सिंह आसनसोल आए थे। प्रेस से बातचित करते हुए उन्होंने टीएमसी पर मतदान को जोर जबरदस्ती से प्रभावित करने का आरोप लगाया था। इसके जवाब में टीएमसी के कद्दावर नेता वी शिवदासन उर्फ दासू ने कहा था कि यह आसनसोल है भटपाड़ा नहीं। इसी बीच टीएमसी और वाम फ्रंट की तरफ़ से प्रत्याशियों के नामों की घोषण कर दी गई है। टीएमसी की टिकट पर जहां शत्रुघ्न सिन्हा तो वहीं वाम फ्रंट ने पार्थ मुखर्जी को प्रत्याशी बनाया है। हालाकि अभी तक भाजपा ने अपने प्रत्याशी के नाम की घोषणा नहीं की है। इसको लेकर विभिन्न कयास भी लगाए जा रहें हैं। सूत्रों की मानें तो भाजपा में टिकट दिए जाने को लेकर गंभीर विचार विमर्श चल रहा है। दर असल पिछले दो चुनावों में बाबुल सुप्रियो की जीत ने भाजपा नेतृत्व को कश्मकश में डाल दिया है। 2014 में जब बाबुल पहली बार चुनाव लड़े थे वह आसनसोल के लिए नए थे। कहा जा सकता है कि मोदी लहर में उनकी नैया भी पार लग गई थी। 2019 में भी कमोबेश यही हुआ। इस बार आसनसोल से किसको टिकट दें इसे लेकर भाजपा में मंथन का दौर चल रहा है। पार्टी के सूत्रों का कहना है कि शिल्पांचल भाजपा चाहती है कि इस बार टिकट आसनसोल लोकसभा केन्द्र के किसी व्यक्ति को मिले । इनकी दलील है कि वह मेहनत करते हैं पार्टी द्वारा निर्धारित प्रत्याशी को जिताते हैं लेकीन मौका मिलते ही वह पाला बदल लेते हैं। यही वजह है कि इस बार शिल्पांचल भाजपा “लोकल के लिए वोकल” है । सूत्रों की मानें तो भाजपा कर्मियों का कहना है कि इस बार आसनसोल लोकसभा उपचुनाव में पार्टी के पुराने सैनिकों जैसे शंकर चौधरी निर्मल कर्मकार आदि एकनिष्ठ भाजपाइयों में से किसीको टिकट दिया जाना चाहिए। इनका कहना है कि वाम फ्रंट के 34 सालों के शासनकाल में हो या टीएमसी के 11 वर्षों का राज इन नेताओं ने कभी भाजपा का दामन नहीं छोड़ा। अब वक्त आ गया है कि इन नेताओं को पार्टी के प्रति इनके समर्पण का उचित सम्मान मिले तभी भाजपा का हार कार्यकर्ता उज्जीवित होगा

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