ईसीएल द्वारा कोयले की ई आक्शन पर भारी पड़ रही सिंडिकेट की रंगदारी
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:ईसीएल की तरफ से मंगलवार को कोयल का ई आक्शन किया गया लेकिन सिंडिकेट की रंगदारी की वजह से डियो धारकों ने कोयला लेने में रुचि नहीं दिखाई इस वजह से रानीगंज जमुरिया पांडवेश्वर एरिया में आक्शन पर जो कोयला वह पूरी तरह से बचा नहीं जा सका पांडेश्वर एरिया के मदारबानी को कोलियरी में 1500 टन का ऑफर था लेकिन यहां पर किसी भी आवेदन करता नहीं आवेदन नहीं किया वहीं सोनपुर बजारी एरिया में 40000 टन में से 10000 टन कोयला बच गया। दूसरी तरफ बंकोला एरिया के शंकरपुर इंक्लिन में 7000 टन के ऑफर में आधे से भी ज्यादा कोयला बचा नहीं जा सका हालांकि शंकरपुर में पिछले महीने ही पूरे का पूरा 7000 टन कोयला उठ गया था जबकि सोदपुर एरिया जहां पर सिंडिकेट नहीं है वहां परबेलिया कोलियरी में 1000 टन के कोयले का पूरा ऑक्शन हो गया। बताया जा रहा है कि सिंडिकेट से यह संदेश दिया गया है कि प्रतिदिन कोयला उठाने पर 1650 रुपए रंगदारी देना होगा नीलामी में कोयला लेने वालों को यह संदेश दे दिया गया है कि वह अगर कोयला उठाते हैं तो उन्हें रोज 1650 रुपए रंगदारी देना होगा इसी वजह से कई डियो धारकों ने हाथ खींच लिया जबकि परबेलिया में इस तरह का कोई सिंडिकेट ना होने की वजह से एक्शन में पूरा कोयला उठ गया। इस महीने कल 40000 टन कोयला रोड सेल और 50 रैक रेलवे के माध्यम से बेचने के लिए ई आक्शन का टेंडर किया गया है। लेकिन इसमें से 30000 टन की ही रोड सेल की नीलामी हो पाई है। मंगलवार शाम 5:00 बजे ई आक्शन की प्रक्रिया संपन्न हुई। कोयले का ई आक्शन 5420 रुपए प्रति टन हिसाब से किया गया है। अब आइए आपको बताते हैं क्या फिर कैसे चलता है कोयल के ई आक्शन में रंगदारी का यह खेल? ईसीएल के उत्पादित कोयल का ई आक्शन किया जाता है जिसमें हर एक एरिया से नीलामी की जाती है। कोयले के कारोबारी इस कोयले को डिस्पैच ऑर्डर या डीओ के माध्यम से उठाते हैं रोड सेल और रैक का अलग-अलग ई आक्शन होता है। रोड सेल में कोलियरी या साइडिंग से डीओ धारक ट्रक के माध्यम से अपना निर्धारित कोयला निर्धारित समय पर उठाते हैं उनके सामने यह मजबूरी रहती है कि उनको तय समय पर ही कोयला उठना होता है क्योंकि अगर वह तय समय पर कोयला नहीं उठा पाए तब बाद में कोयला नहीं उठा सकते यहीं पर कोयला माफिया अपना खेल खेलते हैं और उन्हें कोयला उठाने के लिए इन माफिया को रंगदारी देनी पड़ती है सूत्र के माने तो कोयला माफिया होने अब ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के उत्पादित कोयल पर भी अपनी नजर जमाई है रानीगंज जमुरिया पांडवेश्वर इलाके में ईसीएल के उत्पादित कोयले की चोरी के साथ ही डीओ द्वारा कोयला निकालने पर प्रत्येक ट्रक में रंगदारी देनी पड़ती है अगर वह ऐसा नहीं करते तो वह कोलियरी या साइडिंग से कोयला बाहर नहीं निकाल सकते। कोयला कारोबारियों के पास समय पर कोयला निकल के अलावा कोई चारा नहीं बचता क्योंकि समय पर कोयला नहीं निकलने पर बाद में वह कोयला नहीं निकाल सकते इस वजह से मजबूरी में उन्हें रंगदारी देनी पड़ती है कोई कोयला कारोबारी इन माफियाओं के खिलाफ आवाज नहीं उठा सकता क्योंकि अमूमन इन माफिया को सत्ताधारी पार्टी का संरक्षण प्राप्त होता है अभी पिछले महीने ही पांडव विश्व क्षेत्र में रंगदारी नहीं देने पर कोयला माफियाओं द्वारा एक डीओ धारक की पिटाई कर दी गई थी इसे लेकर थाने में रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी












