सीटु सहित 5 वामपंती संगठनों की तरफ से रानीगंज बीडियो कार्यालय को ज्ञापन:
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रानीगंज :सीटु सहित 5 वामपंती संगठनों की तरफ से रानीगंज के वीडियो कार्यालय को आठ सूत्री मांगों के समर्थन में ज्ञापन सोपा गया। इस मौके पर यहां रानीगंज के पूर्व विधायक रुनु दत्ता सुप्रियो राय दिव्येंदु मुखर्जी नारायण बावरी पूर्ण दास बनर्जी बनर्जी ने कहा कि इससे पहले उनके संगठन की तरफ से पांच पंचायत कार्यालय को ज्ञापन सोपा गया था लेकिन तब पंचायत के प्रधान ने कहा था कि उनके हाथ में कुछ नहीं है जो भी करना है वीडियो करेंगे इसलिए आज वीडियो के पास आए हैं उन्होंने कहा कि उन्होंने वीडियो से साफ कह दिया है कि वह प्रशासन के कुर्सी पर बैठे हुए हैं यहां पर बैठकर वह टीएमसी नेता की तरह काम नहीं कर सकते अगर उन्हें टीम से नेता की तरह काम करना है तो वह टीएमसी कार्यालय में बैठे पूर्ण दास बनर्जी ने कहा की राशन के वितरण में जो समस्या आ रही है उसका समाधान करना होगा उन्होंने कहा कि जो श्रमिक दिनभर मेहनत करता है उसके हाथों और उंगलियों के निशान मिट जाते हैं ऐसे में उसके लिए फिंगरप्रिंट डालकर राशन लेना मुश्किल हो जाता है अगर इसका फायदा उठाकर टीएमसी के कुछ नेता गरीबों के राशन पर सेंधमारी करते हैं तो यह नहीं होने दिया जाएगा उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी नेताओं ने पंचायत चुनाव में लूटमार करके चुनाव जीता था और आज वह लोगों के पैसों का गबन कर रहे हैं आज वीडियो से मुलाकात की गई वीडियो ने 3 दिन का समय मांगा है पूर्ण दास बनर्जी ने कहा 3 दिन के अंदर एक समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आने वाले समय में और बड़े पैमाने पर आंदोलन किया जाएगा वही इस बारे में जब हमने रानीगंज के वीडियो से बात की तो उन्होंने कहा कि आज विभिन्न मांगों के समर्थन में वामपंथी संगठनों ने उन्हें ज्ञापन सोपा उन्होंने कहा कि जो मामले उनके अधिकार क्षेत्र में आते हैं उनको जरूर किया जाएगा लेकिन जिन पर उनका अधिकार नहीं है उसे वह अपने उच्च अधिकारियों को भेज देंगे। उन्होंने कहा कि मनरेगा का कार्य अभी बंद है और बांग्लार बाड़ी मैं घर कैसे दिए जाते हैं इसके बारे में उन्हें जानकारी प्रदान की गई। वही आंगनबाड़ी केदो में शिक्षकों की नियुक्ति की मांग पर उन्होंने कहा कि यह पॉलिसीगत फैसले होते हैं जो वह नहीं ले सकते। उच्च अधिकारियों से जो निर्देश आता है वह उसी के अनुसार काम कर सकते हैं। वहीं हाड़ाभांगा ब्रिज के निर्माण की मांग पर उन्होंने कहा कि इस पर जिला परिषद और ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के बीच बातचीत चल रही है और मामला ब्रिज के निर्माण के खर्चे पर आकर अटका हुआ है












