पार्षद जीतू सिंह ने कहा मेयर विधान उपाध्याय ना रहे डॉक्टर मनमोहन सिंह की तरह मौन
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आसनसोल :काफी दिनों तक खामोश रहने के बाद एक बार फिर 41 नंबर वार्ड के टीएमसी पार्षद रणवीर सिंह भरारा उर्फ जीतू सिंह ने बागी तेवर अपनाते हुए आसनसोल नगर निगम में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया उन्होंने कहा कि वह बार-बार बोर्ड मीटिंग में आसनसोल नगर निगम में चल रही अनियमिताओं की तरफ मेयर का ध्यान आकर्षित करते हैं लेकिन होता कुछ नहीं है उन्होंने कहा कि पिछली बोर्ड मीटिंग में भी उन्होंने पार्किंग होर्डिंग पर जो बकाया है उसकी तरफ मेयर का ध्यान आकर्षित किया था। जीतू सिंह ने कहा कि पिछले बोर्ड मीटिंग में उन्होंने यह मुद्दा उठाया था और नगर निगम से जानना चाहा था की पार्किंग और होर्डिंग के लिए कितना पैसा बकाया है लेकिन कोई सीधा जवाब नहीं दिया गया जीतू सिंह ने दावा किया कि उनके मुताबिक आसनसोल नगर निगम क्षेत्र में पार्किंग और होर्डिंग के लिए लगभग 10 करोड रुपए से ज्यादा का बकाया है लेकिन उसको वसूलने की कोई कोशिश नहीं की जा रही है वहीं उन्होंने कहा कि चीफ विजिलेंस कमिशन के मुताबिक किसी भी बेहद संवेदनशील पद पर एक व्यक्ति ज्यादा से ज्यादा 3 साल रह सकता है उससे ज्यादा नहीं रह सकता लेकिन आसनसोल नगर निगम में ऐसे कई विभाग हैं जहां पर सीधे तौर पर आर्थिक मामले जुड़े हुए हैं लेकिन वहां पर भी ऐसे कई अधिकारी हैं जो पिछले 10 वर्षों से वहां पर टिके हुए हैं लेकिन उनका तबादला नहीं हुआ। दूसरी तरफ जीतू सिंह ने एक और मुद्दा उठाया जिसमें उन्होंने कहा कि आज से 6 महीने पहले उनके कहने पर मेयर विधान उपाध्याय द्वारा विभिन्न औद्योगिक क्षेत्र में जो कारखाने हैं उनके बकाया राशि को वसूलने का प्रयास किया गया था जीतू सिंह ने कहा कि उनके प्रयास की वजह से यह बात सामने आई थी कि 12 कारखाने पर 510 करोड रुपए बकाया है मेयर साहब ने आज से 6 महीने पहले कहा था कि उनसे 15 दिनों के अंदर यह धनराशि वसूली जाएगी लेकिन छह महीने से ज्यादा समय हो गया वह पैसा नगर निगम में नहीं पहुंचा। वही फुटपाथ को लेकर भी जीतू सिंह ने अपनी बात रखी है उन्होंने कहा कि सरकारी नियमों के अनुसार फुटपाथ पर कोई भी निर्माण स्थाई रूप से नहीं किया जा सकता लेकिन यहां पर सभी नियमों को परे रखकर काम किया जा रहा है। मेयर विधान उपाध्याय ने कोशिश की थी कि फुटपाथ को ठीक से सजाया जाए लेकिन उसमें भी कामयाबी नहीं मिली जीतू सिंह ने कहा कि दरअसल मेयर विधान उपाध्याय के आसपास ही ऐसे कुछ लोग हैं जो उनके काम में अड़चन पैदा कर रहे हैं। उन्होंने विधान उपाध्याय की तुलना स्वर्गीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से की और कहा कि मनमोहन सिंह जैसे हमेशा मौन रहा करते थे विधान उपाध्याय उस तरह से मौन ना रहे और सख्त हाथों से प्रशासन की बागडोर संभाले वरना उन्हें भी डॉक्टर मनमोहन सिंह की तरह दरकिनार कर दिया जाएगा। जीतू सिंह ने आरोप लगाया कि आसनसोल नगर निगम में जितना भ्रष्टाचार है उतना भ्रष्टाचार और किसी अन्य जगह पर नहीं है उन्होंने कुछ अधिकारियों के नाम भी लिए। उन्होंने आसनसोल नगर निगम के कुछ अधिकारियों श्रीवास्तव जी अचिंतो बाबु और सदामुउल हक का नाम लिया जो अपने पद पर 10 सालों से भी ज्यादा समय से टिके हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सदा मूल हक के ऊपर जांच होनी चाहिए कि उसे आलीशान घर बनाने के लिए पैसा कहां से मिला उन्होंने कहा कि एक और अधिकारी नयन बाबू उनको और बाकी तीन अधिकारियों को विभिन्न बोरो इलाकों में भेज देना चाहिए और उनकी जगह नगर निगम में नए अधिकारियों को शामिल करना चाहिए जो मेयर विधान उपाध्याय को उनके कार्य में सहयोग कर पाएंगे












