राज्य सरकार के औद्योगिक इंसेंटिव समाप्त करने के फैसले पर पुनर्विचार करने का अनुरोध करते हुए फोसबेकी ने लिखा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र
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आसनसोल :दक्षिण बंगाल के सबसे बड़े वाणिज्यिक संगठन फोसबेकी तरफ से राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को एक पत्र लिखा गया है आपको बता दें कि हाल ही में राज्य सरकार द्वारा यह फैसला लिया गया था कि अब से उद्योग और औद्योगिकरण को मिलने वाले इंसेंटिव को समाप्त किया जा रहा है राज्य सरकार की तरफ से यह दलील दी गई थी की राज्य में औद्योगीकरण का माहौल इतना अच्छा हो गया है कि अब किसी भी उद्योगपति को इंसेंटिव की जरूरत नहीं है फोसबेकी की तरफ से इसी पर अपनी आपत्ति जताते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को एक पत्र लिखा गया है इसके जरिए संगठन की तरफ से यह अनुरोध किया गया है कि राज्य सरकार के इस फैसले से विशेष कर जो एमएसएमई सेक्टर है उस पर काफी बुरा असर पड़ेगा उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के इस फैसले की वजह से बंगाल के औद्योगिक परिसर पर प्रतिकूल असर पड़ेगा लेकिन खासकर एमएसएमई सेक्टर काफी ज्यादा प्रभावित होगा क्योंकि राज्य सरकार से मिलने वाले इंसेंटिव की वजह से उन्हें काफी मदद मिलती थी उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के इस फैसले की वजह से अब बहुत से उद्योगपतियों के लिए अपने उद्योग को बढ़ाने के लिए कोई उत्साह नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि बरसों से राज्य सरकार से मिलने वाले इन इंसेंटिव की वजह से पश्चिम बंगाल में उद्योगपतियों को उत्साह मिलता था लेकिन अब उद्योगपतियों के सामने चुनौती काफी बढ़ जाएगी पत्र में यह कहा गया कि इंसेंटिव के हटा लेने से नए उद्योगपतियों के लिए राज्य में निवेश को लेकर उतना उत्साह नहीं रहेगा। इतना ही नहीं राज्य सरकार के इस फैसले की वजह से पश्चिम बंगाल में संभावित उद्योगपतियों के मन में वह विश्वास नहीं रहेगा जो इससे पहले था। पत्र में यह भी कहा गया कि आज की तारीख में किसी उद्योगपति के लिए कहीं पर निवेश करना काफी महंगा सौदा होता है लेकिन राज्य सरकार द्वारा जो इंसेंटिव दिया जाता था उससे उन्हें काफी सहूलियत होती थी अब जबकि यह इंसेंटिव नहीं मिलेंगे उनके लिए आर्थिक रूप से भी पश्चिम बंगाल में निवेश करना लाभजनक नहीं रहेगा वहीं पश्चिम बंगाल के आसपास के पड़ोसी राज्यों में जब उद्योगपतियों को उसी तरह के इंसेंटिव दिए जा रहे हैं ऐसे में उद्योगपति पश्चिम बंगाल के बजाय उन राज्य में निवेश करना पसंद करेंगे जहां उन्हें इंसेंटिव प्रदान किया जा रहा है ऐसे में क्षेत्रीय स्तर पर भी पश्चिम बंगाल औद्योगीकरण के मामले में पिछड़ जाएगा। इन सब मुद्दों को मुख्यमंत्री के सामने पत्र के माध्यम से रखते फोसबेकी की तरफ से यह अनुरोध किया गया है कि राज्य सरकार इंसेंटिव हटाने के अपने फैसले पर पूरा विचार करें ताकि राज्य में औद्योगीकरण पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े












