मतदाता सूची में हेरा फेरी को लेकर टीएमसी भाजपा आमने-सामने
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बर्नपुर :हाल ही में राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में फर्जी वोटरों की बात कही थी उन्होंने कहा था कि जिस तरह से हरियाणा दिल्ली महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी ने फर्जी वोटरों के जरिए चुनाव जीता था यहां पर भी वह कुछ ऐसा ही करना चाहती है इसी को देखते हुए ममता बनर्जी ने टीएमसी के हर एक ब्लॉक स्तर तक फर्जी वोटरों को तलाश करने और उनका नाम मतदाता सूची से हटवाने के लिए टीएमसी के सभी नेताओं को हिदायत दी थी इसी कड़ी में टीएमसी के हर नेता की तरफ से अपने-अपने क्षेत्र में फर्जी मतदाताओं को चिन्हित करने का काम शुरू किया गया है इसे लेकर आज टीएमसी पार्षद अशोक रूद्र द्वारा अपने पार्टी कार्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन किया गया उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की तरफ से उन जगहों पर मतदाता सूची में घपला किया जा रहा है जहां पर कई भाषा बोलने वाले लोग एक साथ रह रहे हैं अशोक रूद्र ने आरोप लगाया कि सिर्फ आसनसोल दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में ही अब तक 5 से 7000 फर्जी वोटर की बात सामने आई है यह आंकड़ा और ज्यादा हो सकता है उन्होंने कहा कि अगर सिर्फ आसनसोल दक्षिण विधानसभा क्षेत्र की यह हालत है तो यह समझ जा सकता है कि आसनसोल लोकसभा केंद्र में कितने फर्जी वोटर भाजपा द्वारा घुसाए गए हैं उन्होंने कहा कि आसनसोल दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा नंबर 2 की अध्यक्ष नाज़नीन शबनम के दो मतदाता परिचय पत्र हैं उन्होंने कहा कि नाज़नीन शबनम के पास एक वोटर कार्ड 76 नंबर पार्ट 275 नंबर और दूसरा वोटर कार्ड 78 नंबर वार्ड के 225 नंबर में है अशोक रूद्र ने कहा कि इसी से पता चलता है कि भाजपा किस तरह से मतदाता सूची में घालमेल करके आने वाले बंगाल विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करना चाहती है उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को इसका संज्ञान लेना चाहिए उन्होंने इस बात पर भी हैरानी जाता है कि चुनाव आयोग का कहना था कि उन्हें इस बात का पता नहीं है कि किस तरह से फर्जी मतदाताओं का नाम सूचीबद्ध किया जा रहा है लेकिन जब टीएमसी की तरफ से इस मामले को राष्ट्रीय चुनाव आयोग के संज्ञान में लाया गया तो उन्होंने कहा कि 3 महीने के अंदर वह इसको ठीक कर लेंगे उन्होंने कहा कि अगर राष्ट्रीय चुनाव आयोग के इस बात की जानकारी है ही नहीं तो 3 महीने के अंदर चीजों को सुधरेंगे कैसे अशोक रूद्र ने कहा कि मतदाता सूची बनाने को लेकर जिन ब्लॉक लेवल ऑफिसर्स को जिम्मेदारी दी जाती है उनमें से कुछ लोग भाजपा द्वारा प्रभावित होकर इस तरह से मतदाता सूची में हेरा फेरी कर रहे हैं टीएमसी पार्षद ने आगे कहा कि जो रिकॉर्ड फिलहाल वह मीडिया के सामने पेश कर रहे हैं वह जनवरी महीने में राष्ट्रीय चुनाव आयोग द्वारा जारी किया गया आखरी मतदाता सूची है उन्होंने साफ कहा कि इस गड़बड़ी के बारे में वह पश्चिम बर्धमान जिले के टीएमसी अध्यक्ष को जानकारी प्रदान करेंगे और इसको लेकर आगे भी पार्टी की तरफ से कार्रवाई की जाएगी। हालांकि इस बारे में जब हमने नाज़नीन से बात की तो उन्होंने साफ कहा कि उनका नाम कहां-कहां मतदाता सूची में है यह देखना उनका काम नहीं है यह देखना चुनाव आयोग का काम है उनको कैसे पता होगा कि उनका नाम किस जगह पर मतदाता सूची में अभी भी पंजीकृत है उन्होंने अपने मतदाता सूची के नाम के अनुसार शादी के बाद स्थान परिवर्तन होने की वजह से जो भी वैधानिक प्रक्रिया है वह पूरी की थी उसके बाद उनका नाम किस जगह पर अभी भी रह गया है इसके बारे में उनका कोई जानकारी नहीं है उन्होंने आरोप लगाया कि क्योंकि वह अल्पसंख्यक समुदाय से आती हैं इसलिए उनको जानबूझकर टारगेट किया जा रहा है नाज़नीन ने कहा कि अब अल्पसंख्यक समुदाय के लोग यह समझ चुकीं हैं कि किसको वोट देना है यही वजह है कि उनको टारगेट किया जा रहा है क्योंकि वह यहां पर आसनसोल दक्षिण विधानसभा मंडल 2 के अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा करके भी कोई फायदा नहीं होगा 2026 में टीएमसी का जान तय है। वही इस मामले में एक नया ट्विस्ट तब आ गया जब वरिष्ठ भाजपा नेता कृष्णेंदु मुखर्जी ने दावा किया कि जो टीएमसी बाहरी फर्ज़ी वोटरों को यहां से खदेड़ने की बात करती थी इस पार्टी के पश्चिम बर्धमान जिले के अध्यक्ष के स्वर्गीय पिता का नाम अभी भी चुनाव आयोग द्वारा जारी आखिरी मतदाता सूची में बरकरार है उन्होंने कहा कि अब इससे यह साबित हो जाता है कि कौन फर्जी वोटर के जरिए मतदान जीतने की कोशिश कर रहा है कृष्णेन्दु मुखर्जी ने कहा की पश्चिम बर्धमान जिले के टीएमसी अध्यक्ष और पांडवेश्वर के विधायक नरेंद्र नाथ चक्रवर्ती के पिता अरिंदम चक्रवर्ती का 2 साल पहले देहांत हो चुका है लेकिन अभी भी उनका नाम मतदाता सूची में बरकरार है अब इसका जवाब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को देना पड़ेगा कि इस तरह से चुनाव कौन जितना चाहता है और किसका समर्थन करने वाले फर्जी वोटरों को बंगाल से भागना चाहिए












