रेलवे में नौकरी दिलवाने के नाम पर ठगी करने के मामले में आसनसोल दक्षिण थाने में प्रेस मीट:
1 min read
आसनसोल :आसनसोल के सृष्टि नगर से आसनसोल दक्षिण और उत्तर थाने के पुलिस ने संयुक्त रूप से रेलवे में नौकरी दिलवाने के नाम पर ठगी करके 60 लाख रूपए हड़पने के आरोप में हरेंद्र सिंह नामक एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था आज उसे लेकर आसनसोल दक्षिण थाने में एक संवाददाता सम्मेलन का आयोजन किया गया यहां आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के डीसी सेंट्रल ध्रुव दास आसनसोल दक्षिण थाने के आईसी कौशिक कुंडू तथा अन्य पुलिस अधिकारी उपस्थित से इस दौरान पुलिस द्वारा इस मामले में पकड़े गए दो आरोपियों हरेंद्र सिंह और अवधेश यादव को भी पेश किया गया घटना के बारे में जानकारी प्रदान करते हुए डीसी सेंट्रल ध्रुव दास ने बताया कि महाराष्ट्र के एक व्यक्ति ने आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट में शिकायत दर्ज की कि उन्हें रेलवे में नौकरी दिलवाने के नाम पर ठगा गया है और उनसे 60 लाख रुपए लिए गए हैं। इसके बाद पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू की सबसे पहले पुलिस ने हरेंद्र सिंह नामक एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया उन्हें आसनसोल अदालत में पेश किया गया और 12 दिन की रिमांड पे लिया गया उसके बाद उनसे और आगे की पूछताछ की गई वह मूलत बिहार के बांका जिले के रहने वाले हैं और यहां सृष्टि नगर में दो फ्लैट लेकर रहते हैं पुलिस ने पूछताछ के दौरान इस बात का पता लगाया और हरेंद्र सिंह को लेकर सृष्टि नगर के फ्लैट में दबिश डाली। इस दौरान हरेंद्र सिंह ने एक ऑटो ड्राइवर के बारे में भी बताया जो इस गोरख धंधे में हरेंद्र सिंह के साथ जुड़ा हुआ है संयोग से जब हरेंद्र सिंह को लेकर पुलिस सृष्टि नगर के उसके फ्लैट में गई थी तब वह ऑटो ड्राइवर अपना ऑटो लेकर उसे जगह से निकल रहा था पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया पकड़े गए ऑटो ड्राइवर का नाम अवधेश यादव है वह दुर्गा मंदिर इलाके का रहने वाला है ध्रुव दास ने बताया कि पुलिस अब इस मामले की जांच कर रही है कि इस मामले के तार कहां-कहां से जुड़े हुए हैं उन्होंने बताया कि हरेंद्र सिंह द्वारा जिन लोगों को ठगा गया उनकी बंगाल के बाहर के रेलवे अस्पतालों में मेडिकल जांच की जाती थी उनको अपॉइंटमेंट लेटर दिया जाता था हरेंद्र सिंह के फ्लैट से 10 लख रुपए से ज्यादा नगद सोने के गने रेलवे परीक्षा के क्वेश्चन पेपर ओएमआर शीट बरामद किए गए हैं पुलिस ने इन सब चीजों को अपने हिरासत में ले लिया है ध्रुव दास ने बताया कि पुलिस अब इस मामले की जांच में जुट गई है कि इस गिरोह में सिर्फ यही दो लोग हैं या और भी कई लोग इसमें शामिल हैं उन्होंने कहा कि क्योंकि बंगाल के बाहर के रेलवे अस्पतालों में पीड़ितों की मेडिकल जांच की जाती थी इसलिए इन राज्यों को भी जांच की परिधि में लाया जा रहा है हालांकि उन्होंने उन राज्यों के नाम बताने से इनकार कर दिया और ना ही उन्होंने उन लोगों के नाम बताएं जो इस गिरोह द्वारा ठगे गए हैं उन्होंने कहा कि यह सब जांच का विषय है और पुलिस इस पूरे मामले के तह तक पहुंचाने की कोशिश कर रही है












