12 फरवरी के नगर निगम चुनाव के लिए प्रचार का दौर खत्म अब है मतदान की प्रतीक्षा:
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12 फरवरी को आसनसोल नगर निगम के लिए मतदान होगा। उस से पहले आज आसनसोल में प्रचार का शोर थम गया। टीएमसी की तरफ़ से प्रचार के दौरान दावा किया जाता रहा है की वह 106 वार्डों में सभी वार्डों में जीत हासिल करेगी। इनका कहना है कि ममता बनर्जी के पिछले 10 सालों के कार्यकाल और आसनसोल नगर निगम में टीएमसी के बोर्ड ने विकास के जो काम किए हैं उनके कारण जनता उन्हींको चुनेगी। वहीं भाजपा की तरफ़ से भी चुनाव को लेकर ताल ठोंका जा रहा है। भाजपा नेताओं का दावा है कि पिछले विधानसभा चुनावों के नतीजों के अनुसार भाजपा आसनसोल नगर निगम में 106 में से 66 सीटों पर आगे है। भाजपा नेता और पूर्व मेयर जितेंद्र तिवारी ने दावा किया की टीएमसी आसनसोल चुनाव को प्रभावित करने के लिए बाहर से गुंडे लाकर चुनाव से पहले और चुनाव के दिन अशांति पैदा करने की साजिश रच रही है। भाजपा नेताओं का दावा है कि अगर निष्पक्ष चुनाव हुआ तो बोर्ड भाजपा की ही बनेगी। इन चुनावों मे कांग्रेस भी एकबार फिर से पूरा जोर लगा रही है। हालाकि कांग्रेस की तरफ से महज़ 52 वार्डों में ही प्रत्याशियों को उतारा गया है लेकिन उनको विश्वास है की इस बार कांग्रेस का स्ट्राइक रेट काफी अच्छा रहेगा। कांग्रेस का दावा है कि इस बार के चुनावों में वह निर्णायक की भूमिका में रहेंगे। वहीं अगर वाम मोर्चा की बात करें तो इस बार वाम दलों की तरफ से 102 वार्डों के लिए प्रत्याशी उतारे गए हैं। उनका भी दावा है कि आसनसोल की जनता का समर्थन उन्हींको मिलेगा। वाम नेताओं ने टीएमसी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। इनका कहना है कि टीएमसी के निज़ाम में आसनसोल नगर निगम में व्यापक पैमाने में भ्रष्टाचार हुआ है। साथ ही इनका कहना है कि टीएमसी के शासनकाल में आसनसोल नगर निगम इलाके का कोई विकास नहीं हुआ। इनका दावा है की जो भी विकास हुआ है वह उनके ज़माने में ही हुआ है। वैसे शिल्पांचल के राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार टीएमसी को सबसे बड़ी चुनौती निर्दलियों से मिलेगी। राजनीति के जानकारों की मानें तो टिकट बंटवारे में टीएमसी के कई कद्दावर नेताओं का पत्ता कट जाने से नाराज़ यह नेता निर्दल के रूप में खड़े हुए हैं। राजनीति के जानकारों की मानें तो यह निर्दल प्रत्याशी ही इस बार चुनाव के नतीजों को प्रभावित कर सकते हैं । हालाकि टीएमसी नेताओं का साफ़ कहना है की जितने के बाद किसी भी निर्दल को टीएमसी में स्थान नहीं दिया जाएगा जबकि कई निर्दल प्रत्याशी यह कह चुके हैं की जीतने के बाद उनका समर्थन टीएमसी को ही रहेगा। बहरहाल आज से लेकर 12 तारीख़ तक राजनीतिक सरगर्मी बंद रहेगी। लोगों को सोच विचार करने का अवसर मिला है। अब देखना यह है कि आने वाले चुनाव में लोगों का समर्थन किसकी तरफ रहता है












