वाम फ्रंट नेत्री मीनाक्षी मुखर्जी ने किया टीएमसी पर जुबानी प्रहार वी शिवदासन ने किया पलटवार:
1 min read
जैसे-जैसे आसनसोल नगर निगम के चुनाव की तारीख नजदीक आ रही है पार्टियों की तरफ से जोर शोर से प्रचार किया जा रहा है सत्ता पक्ष तृणमूल कांग्रेस पर विरोधियों द्वारा चौतरफा हमले किए जा रहे हैं इसी क्रम में वाम फ्रंट की तरफ से आयोजित एक चुनावी सभा में माकपा की युवा नेत्री मीनाक्षी मुखर्जी ने टीएमसी पर करारा प्रहार किया आसनसोल में आयोजित एक चुनावी सभा के दौरान मीनाक्षी मुखर्जी ने राज्य सरकार के साथ-साथ आसनसोल नगर निगम में तृणमूल कांग्रेस के बोर्ड पर भी करारा प्रहार करते हुए कहा कि इनके निजाम में न तो राज्य में और ना ही आसनसोल नगर निगम में विकास का कोई कार्य हुआ है मीनाक्षी मुखर्जी ने कहा कि राज्य का युवा नौकरी चाहता है लेकिन यहां पर रोजगार के कोई अवसर नहीं है इसके साथ ही उन्होंने आसनसोल नगर निगम के तृणमूल कांग्रेस को भी नाकारा बताया और कहा कि इनके कार्यकाल में आसनसोल नगर निगम में विकास ठप हो गया है सिंगूर को लेकर मीनाक्षी मुखर्जी ने राज्य सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि आप वहां पर मछली पालन होगा जबकि राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा था कि वहां पर फिर से खेती होगी उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी के आंदोलन की वजह से ना तो वहां कारखाना लग पाया और ना ही खेती हो पाई जिसका खामियाजा राज्य के युवाओं को भुगतना पड़ रहा है
हालाकि इस संदर्भ में जब हमने आसनसोल नगर निगम के 106 वादों के कन्वीनर वी शिव दासन उर्फ दासू से बात की तो उन्होंने कहा कि मीनाक्षी मुखर्जी के किसी भी टिप्पणी का जवाब देना वह जरूरी नहीं समझते क्योंकि वह राजनीति में अभी बहुत छोटी है और उनकी बातों का जवाब देने की कोई जरूरत महसूस नहीं करते उन्होंने कहा कि मीनाक्षी मुखर्जी को राजनीति में आए अभी दो-तीन साल ही हुए हैं उन्होंने बामफ्रंट का आतंक नहीं देखा है उन्होंने कहा कि वाम फ्रंट के जमाने में जिस तरह से विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं पर जुल्म हुआ करते थे यह मीनाक्षी मुखर्जी को नहीं पता मीनाक्षी मुखर्जी द्वारा टीएमसी पर चुनाव में धांधली करने के आरोप का जवाब देते हुए शिवदाशन ने कहा कि ऐसा करना वाम फ्रंट का काम था वाम फ्रंट चुनाव में धांधली करके जीता करती थी यही वजह है कि 34 सालों तक बंगाल में वाम फ्रंट का शासन रहा उन्होंने कहा कि पहले मीनाक्षी मुखर्जी को वाम फ्रंट के शासन काल का इतिहास जानने की जरूरत है तब वह टीएमसी पर उंगली उठाएं












