आर जी कर मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल मामले में दोषियों को सजा देने की मांग पर वी शिवदासन दासु के नेतृत्व में टीएमसी नेताओं ने दिया धरना:
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आसनसोल :कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में एक महिला डॉक्टर की हत्या के खिलाफ और दोषियों को सजा देने की मांग पर आज वरिष्ठ टीएमसी नेता वी शिवदासन दासू के नेतृत्व में एक धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया। यहां वी शिवदासन दासू के नेतृत्व मेयर विधान उपाध्याय चेयरमैन अमरनाथ चैटर्जी रानीगंज के पुर्व विधायक सोहराब अली पार्षद अशोक रुद्र रूपेश यादव साधन राय सहित टीएमसी के तमाम नेता कार्यकर्ता और समर्थक उपस्थित थे। यहां से मेडिकल छात्रा के साथ बलात्कार कर उनकी हत्या करने वालों को मौत की सजा देने की मांग की गई।

टीएमसी के सभी नेताओ ने कहा कि जो घटना हुई है उसकी जितनी निंदा की जाए कम है। उन्होंने कहा कि जिस दिन यह घटना घटी उसके 24 घंटे के अंदर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया था लेकिन वामपंथी और भाजपा के लोग यह नहीं चाहते थे कि असली अपराधी को सजा मिले वह सिर्फ इस घटना को लेकर राजनीति करना चाहते थे इसलिए उन्होंने सीबीआई जांच की मांग की। जबकि ममता बनर्जी ने खुद कहा था कि अगर सात दिन के अंदर कोलकाता पुलिस सभी आरोपियों को गिरफ्तार नही करती तो मामला सीबीआई को दे दिया जाएगा। आज जब अदालत के आदेश पर मामला सीबीआई को दिया गया है तो 4 दिन से ज्यादा हो गया है लेकिन जिस एक व्यक्ति को कोलकाता पुलिस ने गिरफ्तार किया था उसके अलावा और किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि 14 अगस्त की रात को वामपंथी और बीजेपी वालों ने आरजी कर मेडिकल कालेज हॉस्पिटल में तांडव मचाया। टीएमसी नेताओं ने साफ कहा कि ममता बनर्जी के नेतृत्व में बंगाल में महिलाओं की सुरक्षा सबसे अच्छी है यहां पर महिलाएं सुरक्षित हैं उन्होंने भाजपा शासित प्रदेशों का हवाला देते हुए कहा पर जब कोई इस तरह की दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटती है तो वहां पर पीड़ितों को इंसाफ नहीं मिलता लेकिन यहां पर ऐसा नहीं है यहां पर ममता बनर्जी के नेतृत्व में जो प्रशासन चल रहा है वह पीड़ितों के साथ इंसाफ करता है और दोषियों को सजा देता है यही बात वामपंथी और भाजपा नेताओं को पसंद नहीं आती है और इसीलिए वह शांत बंगाल को अशांत करने पर तुले हुए हैं लेकिन ऐसा नहीं होगा इन्होंने कहा कि बंगाल की जनता ने भाजपा और वामपंथियों को खदेड़ दिया है राजनीतिक रूप से उनकी यहां पर कोई जमीन नहीं है इसीलिए वह लोग यहां पर एक बेहद संवेदनशील घटना को लेकर राजनीति कर रहे हैं












