तृणमूल छात्र परिषद द्वारा केएनयू मे धरना प्रदर्शन को लेकर सारा बांग्ला तृणमूल शिक्षा बंधु समिति ने उठाया सवाल:
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आसनसोल :पिछले 7 दिनों से तृणमूल छात्र परिषद की तरफ से आसनसोल के काजी नजरूल विश्वविद्यालय में धरना प्रदर्शन किया जा रहा है इन्होंने विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार और वाइस चांसलर पर विश्वविद्यालय के फंड को आपसी कोर्ट केस में खर्च करने का आरोप लगाया है इसके तहत तृणमुल छात्र परिषद द्वारा विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर और रजिस्ट्रार के चेंबर में ताला लगा दिया गया है आज तृणमूल कांग्रेस समर्थित सारा बांग्ला शिक्षा बंधु समिति की तरफ से आज एक और धरना प्रदर्शन किया गया यह संगठन तृणमूल छात्र परिषद द्वारा पिछले 7 दिनों से किए जा रहे आंदोलन पर सवाल उठा रहा है इनके संगठन के जॉइंट सेक्रेटरी देवाशीष बनर्जी का कहना है किपिछले 7 दिनों से तृणमूल छात्र परिषद की तरफ से आसनसोल के काजी नजरूल विश्वविद्यालय में धरना प्रदर्शन किया जा रहा है इन्होंने विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार और वाइस चांसलर पर विश्वविद्यालय के फंड को आपसी कोर्ट केस में खर्च करने का आरोप लगाया है इसके तहत तृणमुल छात्र परिषद द्वारा विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर और रजिस्ट्रार के चेंबर में ताला लगा दिया गया है आज तृणमूल कांग्रेस समर्थित सारा बांग्ला तृणमूल शिक्षा बंधु समिति की तरफ से आज एक और धरना प्रदर्शन किया गया यह संगठन तृणमूल छात्र परिषद द्वारा पिछले 7 दिनों से किए जा रहे आंदोलन पर सवाल उठा रहा है इनके संगठन के जॉइंट सेक्रेटरी देवाशीष बनर्जी का कहना है कि कुछ बाहरी लोगों को बुलाकर विश्वविद्यालय में पठन-पाठन के माहौल को बर्बाद किया जा रहा है उन्होंने कहा कि बाहरी लोगों द्वारा ही वाइस चांसलर और रजिस्ट्रार के चैंबरों पर ताला लगाया गया है उन्होंने कहा कि आंदोलनकारी द्वारा रजिस्ट्रार और महिला फाइनेंस ऑफिसर पर भी हमला किया गया और उनके साथ बदतमीजी की गई उन्होंने इसकी तीव्र निंदा की और कहां की जब काजी नज़रुल विश्वविद्यालय प्रबंधन की तरफ से विश्वविद्यालय के विकास के लिए कदम उठाए जा रहे हैं उस समय विश्वविद्यालय में नए एडमिशन के वक्त जिस तरह से तृणमूल छात्र परिषद की तरफ से आंदोलन के नाम पर पठन-पाठन के माहौल को बर्बाद किया जा रहा है वह किसी छात्र परिषद का काम नहीं हो सकता। उन्होंने साफ कहा कि भले आंदोलन करने वाले विद्यार्थी टीएमसी से जुड़े हुए हो लेकिन वह किसी भी अन्याय को बर्दाश्त नहीं करेंगे ना उसका समर्थन करेंगे उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ममता बनर्जी और मंत्री मलय घटक के सपनों का विश्वविद्यालय है और उसे कुछ लोगों के निजी स्वास्थ्य को चरितार्थ करने के लिए बर्बाद होने नहीं दिया जाएगा उन्होंने कहा कि इस संबंध में उन्होंने प्रशासन के विभिन्न स्तरों पर अधिकारियों को जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को आंदोलन करने का अधिकार जरूर है लेकिन किस अधिकार से सरकारी विश्वविद्यालय के चेंबर में ताला लगाया गया है उन्होंने कहा कि जब तक विश्वविद्यालय में यह अराजक स्थिति बनी रहेगी उनके संगठन की तरफ से आंदोलन जारी रहेगा हालांकि इस बारे में जब हमने पश्चिम बर्धमान जिले के तृणमूल छात्र परिषद अध्यक्ष अभिनव मुखर्जी से बात की तो उन्होंने कहा कि बाहरी किसे कहा जा रहा है अगर कोई छात्रों के जायज मांग का समर्थन करने के लिए आंदोलन का समर्थन करता है तो वह बाहरी कैसे हो सकता है इसके अलावा उन्होंने कहा कि विद्यार्थी किसी नाजायज मांग का समर्थन नहीं कर रहे हैं वह सिर्फ इतना जानना चाहते हैं कि उनके द्वारा दिए गए फीस का पैसा किस तरह से विश्वविद्यालय के अधिकारी अपने कोर्ट केस में खर्च कर सकते हैं उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार और वाइस चांसलर के चेंबर में जो ताला दिया गया है उसकी चाबी बिल्कुल नहीं लौटाई जाएगी और उनका यह आंदोलन कब तक जारी रहेगा जब तक विश्वविद्यालय द्वारा कोर्ट केस में कितना रुपया खर्च हुआ है इसको लेकर एक श्वेत पत्र जारी नहीं किया जाता उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में एडमिशन की प्रक्रिया जारी है लेकिन ऐडमिशन की प्रक्रिया में वह कोई बाधा नहीं डाल रहे हैं एडमिशन की प्रक्रिया वहां पर नहीं होती जहां पर वह लोग आंदोलन कर रहे हैं और दूसरी बिल्डिंग में होती है इसलिए उनके आंदोलन की वजह से एडमिशन की प्रक्रिया बाधित होने की कोई बात ही नहीं है इसके साथ ही उन्होंने इन आरोपों को भी खारिज कर दिया जिसमें कहा जा रहा था कि उन्होंने विश्वविद्यालय के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ गलत हरकत की है उनका साफ कहना था कि वह तो विश्वविद्यालय के किसी अधिकारी या कर्मचारी से बात भी नहीं करना चाहते उनको सिर्फ और सिर्फ वाइस चांसलर और रजिस्ट्रार से बात करनी है ऐसे में उनके संगठन के किसी कार्यकर्ता या नेता द्वारा किसी अधिकारी से बदसलुकी करने का सवाल ही खड़ा नहीं होता कुछ बाहरी लोगों को बुलाकर विश्वविद्यालय में पठन-पाठन के माहौल को बर्बाद किया जा रहा है उन्होंने कहा कि बाहरी लोगों द्वारा ही वाइस चांसलर और रजिस्ट्रार के चैंबरों पर ताला लगाया गया है उन्होंने कहा कि आंदोलनकारी द्वारा रजिस्ट्रार और महिला फाइनेंस ऑफिसर पर भी हमला किया गया और उनके साथ बदतमीजी की गई उन्होंने इसकी तीव्र निंदा की और कहां की जब काजी नज़रुल विश्वविद्यालय प्रबंधन की तरफ से विश्वविद्यालय के विकास के लिए कदम उठाए जा रहे हैं उस समय विश्वविद्यालय में नए एडमिशन के वक्त जिस तरह से तृणमूल छात्र परिषद की तरफ से आंदोलन के नाम पर पठन-पाठन के माहौल को बर्बाद किया जा रहा है वह किसी छात्र परिषद का काम नहीं हो सकता। उन्होंने साफ कहा कि भले आंदोलन करने वाले विद्यार्थी टीएमसी से जुड़े हुए हो लेकिन वह किसी भी अन्य को बर्दाश्त नहीं करेंगे ना उसका समर्थन करेंगे उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ममता बनर्जी और मंत्री मलय घटक के सपनों का विश्वविद्यालय है और उसे कुछ लोगों के निजी स्वास्थ्य को चरितार्थ करने के लिए बर्बाद होने नहीं दिया जाएगा उन्होंने कहा कि इस संबंध में उन्होंने प्रशासन के विभिन्न स्तरों पर अधिकारियों को जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को आंदोलन करने का अधिकार जरूर है लेकिन किस अधिकार से सरकारी विश्वविद्यालय के चेंबर में ताला लगाया गया है उन्होंने कहा कि जब तक विश्वविद्यालय में यह अराजक स्थिति बनी रहेगी उनके संगठन की तरफ से आंदोलन जारी रहेगा हालांकि इस बारे में जब हमने पश्चिम बर्धमान जिले के तृणमूल छात्र परिषद अध्यक्ष अभिनव मुखर्जी से बात की तो उन्होंने कहा कि बाहरी किसे कहा जा रहा है अगर कोई छात्रों के जायज मांग का समर्थन करने के लिए आंदोलन का समर्थन करता है तो वह बाहरी कैसे हो सकता है इसके अलावा उन्होंने कहा कि विद्यार्थी किसी नाजायज मांग का समर्थन नहीं कर रहे हैं वह सिर्फ इतना जानना चाहते हैं कि उनके द्वारा दिए गए फीस का पैसा किस तरह से विश्वविद्यालय के अधिकारी अपने कोर्ट केस में खर्च कर सकते हैं उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार और वाइस चांसलर के चेंबर में जो ताला दिया गया है उसकी चाबी बिल्कुल नहीं लौटाई जाएगी और उनका यह आंदोलन कब तक जारी रहेगा जब तक विश्वविद्यालय द्वारा कोर्ट केस में कितना रुपया खर्च हुआ है इसको लेकर एक श्वेत पत्र जारी नहीं किया जाता उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में एडमिशन की प्रक्रिया जारी है लेकिन ऐडमिशन की प्रक्रिया में वह कोई बाधा नहीं डाल रहे हैं एडमिशन की प्रक्रिया वहां पर नहीं होती जहां पर वह लोग आंदोलन कर रहे हैं और दूसरी बिल्डिंग में होती है इसलिए उनके आंदोलन की वजह से एडमिशन की प्रक्रिया बाधित होने की कोई बात ही नहीं है इसके साथ ही उन्होंने इन आरोपों को भी खारिज कर दिया जिसमें कहा जा रहा था कि उन्होंने विश्वविद्यालय के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ गलत हरकत की है उनका साफ कहना था कि वह तो विश्वविद्यालय के किसी अधिकारी या कर्मचारी से बात भी नहीं करना चाहते उनको सिर्फ और सिर्फ वाइस चांसलर और रजिस्ट्रार से बात करनी है ऐसे में उनके संगठन के किसी कार्यकर्ता या नेता द्वारा किसी अधिकारी से बदसलुकी करने का सवाल ही खड़ा नहीं होता












