shilpanchaltoday shilpanchaltoday shilpanchaltoday shilpanchaltoday shilpanchaltoday shilpanchaltoday shilpanchaltoday shilpanchaltoday

Asansol Times

Asansol Times News

WhatsApp Image 2025-05-17 at 11.36.44 AM
WhatsApp Image 2025-05-17 at 11.36.45 AM
WhatsApp Image 2025-05-05 at 10.37.07
WhatsApp Image 2024-12-02 at 3.16.11 PM
g1
G2
logo
rajhans FNL
asn
WhatsApp Image 2023-11-13 at 3.05.53 PM
IMG-20220308-WA0001
IMG-20220314-WA0011
Slide

सालानपुर ब्लॉक के हदला मौजा में स्थानीय निवासीयों ने किया जंगलों की कटाई का विरोध:

1 min read

बाराबनी :बाराबनी विधानसभा क्षेत्र के सालानपुर ब्लॉक के हदला गांव में स्थानीय निवासियों ने आज जमकर विरोध प्रदर्शन किया आपको बता दें कि यह क्षेत्र मूलतः आदिवासी बहुल इलाका है यहां पर आदिवासी समाज के लोगों ने आज पेड़ों की कटाई का जमकर विरोध किया। इस बारे में स्थानीय आदिवासियों का कहना है कि यहां पर वन दफ्तर की जमीन है और तत्कालीन गोराई परिवार की भी जमीन है जिस पर आदिवासी समाज के लोग खेती-बाड़ी किया करते थे यहां पर घना जंगल है लेकिन देखा जा रहा है कि इस जंगल को काटा जा रहा है बेश कीमती पेड़ों को धड़ल्ले से काटा जा रहा है। उन्होंने बताया कि यहां के जंगल और जंगलों के उंचे ऊंचे पेड़ सिर्फ इस बात क्षेत्र के ही नहीं बल्कि अन्य क्षेत्र के लोगों को भी ऑक्सीजन उपलब्ध कराते हैं ऐसे में अगर इन पेड़ों की कटाई की जाएगी तो लोगों को ऑक्सीजन की कमी होने लगेगी पर्यावरण पर प्रतिकूल असर पड़ेगा उन्होंने कहा कि यहां पर सिर्फ पेड़ों की कटाई नहीं की जा रही है तालाबों को भरकर उस पर निर्माण भी करने की कोशिश की जा रही है इसका भी आदिवासी समुदाय के लोगों ने यहां पर जमकर विरोध किया उन्होंने कहा कि यह हो नहीं सकता कि जंगल के अंदर पेड़ों की कटाई की जा रही हो यहां पर कोई प्रोजेक्ट बनाया जा रहा हो लेकिन वन दफ्तर के अधिकारियों को इसकी खबर ना हो उन्होंने साफ कहा कि अगर पेड़ों की कटाई बंद नहीं हुई तो आदिवासी समाज के लोग इससे बड़े पैमाने पर आंदोलन करेंगे जब‌ प्रदर्शन कर रहे लोगों से पूछा गया कि यहां पर पेड़ों की कटाई कौन करवा रहा है तो स्थानीय लोगों द्वारा किसी चित्तो माझी का नाम सामने आया स्थानीय लोगों का आरोप है कि वही व्यक्ति यहां पर पेड़ों की कटाई करवा रहा है वह यहां पर कुछ निर्माण करना चाहता है प्रदर्शनकारी लोगों का साफ कहना है था कि वह जंगल काटकर किसी भी प्रकार का निर्माण होने नहीं देंगे वहीं प्रदर्शनकारियों ने यहां पर पेड़ों की कटाई कर रहे एक व्यक्ति को पकड़ लिया जब उससे पूछा गया तो उसने बताया कि वह यहां पर सिर्फ झाड़ीयों को साफ कर रहा था उसको ऐसा करने के लिए कहा गया था जब उससे पूछा गया कि यह जमीन किसकी है तो उसने भी चित्तो मांझी का नाम लिया हालांकि जब उससे पूछा गया कि यह आदिवासियों की जमीन है तो यह बेची कैसे गई इस पर वह कोई सीधा जवाब नहीं दे सका। वहीं स्थानीय निवासियों द्वारा इस प्रदर्शन के बारे में जानकारी मिलने के बाद हदला मौजा के बीट आफिसर जुरान नाथ ने कहा कि उनके दफ्तर को इस तरह से पेड़ों की कटाई के बारे में जानकारी नहीं थी क्योंकि जिस जगह पर यह पेड़ काटे जा रहे थे वह जंगल के बहुत अंदर थे इस वजह से इस बारे में उनके दफ्तर को जानकारी नहीं मिली आज जब उनको यह जानकारी मिली है वह यहां पर आए हैं और उन्होंने राजीव मुर्मू नामक एक व्यक्ति को विरासत में लिया है उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों की शिकायत के अनुसार तकरीबन 50 से ज्यादा पेड़ काटे गए हैं जब उनसे पूछा गया कि इस पूरे घटनाक्रम में किसका नाम आ रहा है तो उन्होंने डाबर मोड़ निवासी चित्तो माझि बिमल गोराई का नाम लिया। उन्होंने कहा कि इस मामले में वन विभाग का जो कानून है उसके मुताबिक आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page