रेकी मास्टर सर्वाणी दत्ता ने बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर किया विशेष कार्यक्रम का आयोजन:
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आसनसोल :बुद्ध पूर्णिमा के पवित्र अवसर पर रेकी मास्टर सर्वाणी दत्ता के तत्वधान में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया जहां पर उनके स्पर्श तकनीक से विभिन्न बीमारियों से निजात पाने वाले कई व्यक्तियों के अलावा आसनसोल शहर के कई विशिष्ट हस्तियां उपस्थित थीं। हमने इस संदर्भ में सर्बानी दत्ता से बात की उन्होंने बताया की रेकी पद्धति से लोगों की चिकित्सा करने वालों के लिए बुद्ध पूर्णिमा का दिन बहुत महत्वपूर्ण होता है क्योंकि इस चिकित्सा पद्धति का प्रारंभ गौतम बुद्ध द्वारा ही किया गया था उनके पास यह शक्ति थी कि वह किसी भी बीमारी का इलाज उस व्यक्ति को स्पर्श करके कर सकते थे बुद्ध पूर्णिमा के दिन ही गौतम बुद्ध का जन्म हुआ था इसी दिन उनको बोधी की प्राप्ति हुई थी और उसी दिन उनका महानिर्वाण हुआ था। उन्होंने बताया कि स्पर्श तकनीक के सहारे किसी भी बीमारी का इलाज किया जा सकता है और यह कला गौतम बुद्ध ने दिखाया था उन्होंने अपने शिष्यों को बताया था कि अगर आप अपने अंदर की शक्तियों को एक स्थान पर समाहित करके विश्व ब्रह्मांड की शक्तियों के साथ सम्मिलित कर सके तो आपके अंदर वह शक्ति आ जाएगी कि आप के स्पर्श मात्र से लोगों की बीमारियां दूर हो जाएगी रेकी पद्धति के जरिए इसी प्रकार से लोगों का इलाज किया जाता है। वही कार्यक्रम में शिरकत करते हुए कुल्टी मदद फाउंडेशन के रवि शंकर चौबे ने बताया कि जिस तरह से सर्वानी दत्ता पिछले लंबे समय से आसनसोल में इस पद्धति के जरिए लोगों का इलाज कर रही है वह सराहनीय है उन्होंने कहा कि आज बुद्ध पूर्णिमा है और आज का दिन सभी मानव जाति के लिए बहुत बड़ा दिन है क्योंकि आज ही के दिन गौतम बुद्ध का जन्म हुआ था आज ही के दिन उनको बोधी प्राप्ति हुई थी और आज ही के दिन उनका महानिर्वाण हुआ था आज जब दुनिया का हर एक इंसान किसी न किसी परेशानी से जूझ रहा है चाहे वह नौकरी पेशा व्यक्ति हो या व्यवसायी हो या छात्र हो ऐसे में गौतम बुद्ध के आदर्शों का अनुसरण करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलते हुए जिस तरह से सर्वानी दत्ता लोगों को राहत पहुंचा रही है उनको उनकी गंभीर बीमारियों से निजात दिला रही है वह बेहद सराहनीय है उन्होंने इसके लिए सर्वानी दत्ता को तहे दिल से धन्यवाद दिया












