रेप की घटना के 13 दिन बाद पुलिस के हत्थे चढ़ा मुख्य आरोपी शिवा कोड़ा:
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आसनसोल आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के नियामतपुर पुलिस फाड़ी अंतर्गत चिनाकुड़ी इलाके मे एक 13 वर्षीय नाबालिग छात्रा के साथ दस फरवरी को इलाके के ही रहने वाले शिवा कोड़ा नाम के एक युवक ने बहला फुसलाकर इलाके से कुछ ही दुरी पर स्थित एक खाली पड़े मकान मे ले जाकर उसके साथ खुद तो मुह काला किया ही साथ मे अपने चार दोस्तों को भी बुलाकर बारी -बारी मुह काला करवाया, वहीं जब पीड़ित युवती के परिजनों ने युवती की गुमशुदगी की शिकायत नियामतपुर पुलिस फाड़ी मे की जिसके बाद पुलिस युवती की गुमशुदगी की शिकायत पर तुरंत हरकत मे आ गई और फिर पुलिस युवती की खोज मे जुट गई, एक तरफ जहाँ युवती की तलाश उसके परिजन कर रहे थे तो वहीं दूसरी और नियामतपुर पुलिस फाड़ी, युवती की तलाश कर रही थी। लेकिन इन दो तरफ़ा तलाश मे भी भी युवती का कोई अता -पता नही चला, जिसके बाद पुलिस युवती के परिजनों की शिकायत पर उसके दोस्तों से थाने मे बुलाकर पूछताछ करना शुरू किया । पुलिस की इस पूछताछ मे युवती का एक दोस्त शिवा कोड़ा फरार मिला शिवा कोड़ा को इलाके के लोगों ने बाजार मे युवती के गायब होने से पहले उसके साथ देखा था, पुलिस ने देर ना करते हुए शिवा कोड़ा की माँ को थाने बुलाया और शिवा के बारे मे पूछताछ शुरू की शिवा की माँ ने अपने बेटे शिवा से फोन पर बात की और घटना के बारे मे उसे पूरी जानकारी दी, शिवा ने अपनी माँ को तो कुछ नही बताया पर डर से युवती को अहले सुबह यह कहकर छोड़ दिया की अगर वह घटना के बारे मे किसी को कुछ बताती है तो वह सब मिलकर उसकी तो हत्या करेंगे साथ मे उसके परिजनों को भी नही छोड़ेंगे, पीड़ित युवती अहले सुबह करीब 3 बजे अपने घर आई युवती की हालत देख परिजनों को शक हुआ और उन्होने अपनी मासूम बेटी से उसकी बिगड़ी हालात के बारे मे पूछा जिसके बाद युवती ने रोते हुए अपने साथ घटी घटना की जानकारी अपने परिजनों को दी, जिसके बाद पीड़ित युवती के परिजन पीड़ित युवती को लेकर नियामतपुर पुलिस फाड़ी लेकर पहुँचे, पुलिस ने युवती की हालात को देख उसके साथ हुई घटना के बारे मे उसे पूछा जिस आधार पर पुलिस ने युवती के साथ गैंग रेप की घटना को अंजाम देने वाले पांच युवकों शिवा कोड़ा, सचिन यादव, राकेश पासवान, शिवा राम, मोहमद सनि के ऊपर मामला दर्ज करते हुए उनका सहयोग करने वाली दो महिला शिवा की मां मंदाकिनी कोड़ा, सुशीला देवी को भी मामले मे अभियुक्त बनाया और मामले की छानबीन शुरू कर दी और एक आरोपी सचिन यादव को गिरफ्तार कर लिया, बाकि आरोपियों की गिराफतारी के लिये पुलिस अभी छापेमारी कर ही रही थी की 14 फरवरी को नियामतपुर पुलिस फाड़ी मे तृणमूल नेता रोहित नोनिया, सुजीत सिंह, बिनोद साव, अनीता सिंह, चैति भट्टाचार्य सहित तृणमूल के कई नेता और कर्मी पहुँच गए और उन्होंने पुलिस पर दबाव देते हुए यह कहा की घटना के चार दिन बीत गया और मुख्य आरोपी पुलिस के हत्थे नही चढ़ा ना ही घटना से जुड़े अन्य आरोपियों की ही गिरफ़्तारी हुई, ऐसे मे युवती की 16 फरवरी को अचानक से तबियत बिगड़ने के बाद उसे आनन -फानन मे आसनसोल जिला अस्पताल मे भर्ती करना पड़ा, अस्पताल मे देर रात चिकित्सकों की गैर मौजूदगी मे अस्पताल के कुछ पुरुष और महिला कर्मचारीयों द्वारा अभद्र व्यवहार किया गया, जिसके बाद तृणमूल नेता रोहित नोनिया, अनीता सिंह, चैति भट्टाचार्य, बिनोद साव, सुजीत सिंह सहित कई अन्य तृणमूल नेताओं और कर्मियों ने 17 फरवरी को अस्पताल मे सैकड़ों की संख्या मे जाकर विरोध प्रदर्शन किया, जिसके बाद अस्पताल सुपर ने उन्हे दोषियों पर कार्रवाई करने का आश्वासन देकर मामले को शांत करवाया, वहीं 21 फरवरी को तृणमूल नेता रोहित नोनिया, अनीता सिंह, चैति भट्टाचार्य, बिनोद साव, सुजीत सिंह सहित कई अन्य तृणमूल नेताओं और कर्मियों सहित सर्व धर्म व कुलटी विधानसभा इलाके के रहने वाले अवाम एक बार फिर नियामतपुर पुलिस फाड़ी पहुँच कर पुलिस से अन्य आरोपियों की गिरफ़्तारी की मांग की जिसके बाद पुलिस ने आंदोलन कर रहे जनता से पांच दिनों का समय माँगा यह कहकर की वह बाकी के तमाम फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लेगी और फिर 23 फरवरी के भीतर घटना के मुख्य आरोपी शिवा कोड़ा, व उसकी माँ मंदाकिनी कोड़ा को गिरफ्तार कर लिया, शिवा कोड़ा को पुलिस ने आसनसोल जिला अदालत मे पेश कर चार दिनों के लिये पुलिस रिमांड मे लिया है, नियामतपुर पुलिस फाड़ी द्वारा दी गई कुलटी विधानसभा के अवाम को आश्वासन के दो दिन गुजर चुके हैं अब मात्र तीन दिन बाकी हैं, ऐसे मे इन तीन दिनों मे नियामतपुर पुलिस फाड़ी बाकी के पांच आरोपियों को क्या समय पर गिरफ्तार कर पाएगी यह एक बड़ा सवाल है साथ मे नियामतपुर पुलिस फाड़ी के लिए एक बड़ी चुनौती भी, ऐसे मे तृणमूल नेता रोहित नोनिया, अनीता सिंह, चैति भट्टाचार्य ने पुलिस को पहले ही यह अल्टीमेटम दे दिया है की पुलिस अगर पांच दिन मांगती है तो वह सात दिनों तक इंतजार करेंगे पुलिस अगर असफल होती है तो वह आठवें दिन फरार आरोपियों की गिरफ़्तारी व पुलिस की निष्क्रियता के खिलाफ उग्र आंदोलन करेने पर बाध्य हो जाएंगे












