:श्री श्याम स्नेह मंडल कुल्टी द्वारा चार दिवसीय 18 श्याम महोत्सव एवम नानी बाई रो मायरो का आयोजन:
1 min readकुल्टी :श्री श्याम स्नेह मंडल कुल्टी द्वारा आयोजित चार दिवसीय 18 श्याम महोत्सव एवम नानी बाई रो मायरो कार्यक्रम के उपलक्ष्य में सोमवार को केंदुआ बाजार आर्य समाज मंदिर से भव्य कलश एवम निशान यात्रा निकाली गयी ।
इस अवसर पर केंदुआ बाजार आर्य समाज मंदिर से बृंदाबन से पधारी
आध्यात्मिक कथा वाचिका परम पूज्य राधा किशोरी जी की उपस्थिति में पूजन एवम आरती के बाद बड़ी संख्या में श्याम भक्तों द्वारा कलश एवम निशान शोभायात्रा निकाली गई ।
गाजे बाजे एवम भव्य दरबार सजी शोभायात्रा कुल्टी केंदुआ बाजार से कुल्टी पतियाना , स्टेशन रोड , कुल्टी थाना , कुल्टी थाना मोड़ होते हुए कुल्टी क्लब पहुंची ।
इस दौरान सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु निशान एवम कलश के साथ भजन एवम नृत्य करते हुए शोभायात्रा में शामिल हुए ।
इस दौरान शोभायात्रा का स्वागत जगह जगह पुष्प वर्षा कर किया गया ।उसके बाद दोपहर 3 बजे, व्यासपीठ पूजा-अर्चना , आरती करने के बाद, बृंदावन धाम से आई राधा किशोरी जी द्वारा कथा का शुभारंभ किया गया । राधा किशोरी जी ने कहा की भक्त की कथा स्वयं भगवान ही सुनते हे , सांवरिया सेठ इस कथा के स्वयं यजमान हैं भक्त को भगवान अपना बालक जैसे लाड करते हे, इसी के साथ,सुदामा प्रसंग नरसी जी के जन्म का प्रसंग बताते हुए कहा की नरसी का जन्म जूनागढ़ गुजरात में हुआ था,
ब्राह्मण परिवार मे जन्मे नरसी जी जन्म से गूंगे एवम बहरे थे , नरसी की दादी नरसी को शिवरात्रि के दिन मंदिर में लेकर गई , सांवरिया सेठ की कृपा से एक संत के द्वारा गूंगे नरसी को वाणी प्राप्त हुई, नरसी शिव के अनन्य भक्त थे, नरसी का विवाह हुआ ,कर्मा का प्रसंग सुनाया ,और दर्शन कराया ,नरसी के यहा एक बेटी का जन्म हुआ,जिस का नाम,नानीबाई , रखा , एक बेटा भी हुआ जिस का नाम सवालसाह रखा , नानी बाई का विवाह अंजार नगर में श्री रंग जी के बड़े पुत्र के साथ हुआ ,नानी बाई के विवाह के बाद नरसी की दादी का स्वर्गवास हो गया ,एक दिन रोटी के लिए नरसी की भाभी नरसी जी से लड़ जाती है,नरसी को घर से बाहर निकाल दिया, भोलेनाथ के मंदिर में गए 7 दिन तक भोजन पानी त्याग कर, शिव आराधना की भोलेनाथ प्रसन्न हुए वरदान मांगने को कहा, नरसी ने राधा कृष्ण भगवान के रास दर्शन मांगे, भोलेनाथ ने कहा गोपी बनना पड़ेगा नरसी ने कहा आप भी तो गोपी बने थे ,अपनी कथा बताइए, तो भोलेनाथ ने अपनी गोपी बनने की कथा बताई, दीदी जी एक दिन वो भोले भण्डारी, का दर्शन कराया ,रास दर्शन प्रसंग सुनाया ,नरसी को भगवान ने प्रसाद दिया इकतारा दिया, केदारा राग सिद्ध का वरदान दिया ,नरसी अपने जूनागढ़ गए भाभी ने पूरे परिवार के साथ नरसी को घर से निकाल दिया, नरसी धर्मशाला में रहे भगवान ने नरसी को सुंदर हवेली बनवाकर दी 56 करोड़ की संपत्ति दी नरसी को धनवान बनाया पर नरसी ने सब संत भक्तो की सेवा में सारी संपत्ति लगा दी नरसी फिर से निर्धन हो गए अपने पिता का श्राद्ध किया भगवान खुद स्वयं नरसी का रूप बनाकर के पिता का श्राद्ध करवाया सभी भक्तो ने बहुत भाव भक्ति से कथा का रसपान किया भजनों का आनंद लिया विश्राम में बाबा श्याम की धमाल पर किशोरी जी ने भक्तो को ऐसा भक्ती धमाल मचाने को मजबूर कर दिया पूरा कुल्टी झूम उठा, आरती करके प्रथम दिन की कथा विश्राम हुई ।
चार दिवसीय 18वा श्री श्याम महोत्सव एवम नानी बाई रो मायरो कार्यक्रम के आयोजन में श्री श्याम स्नेह मंडल कुल्टी एवम सहयोगी संस्थान के रूप में श्री हनुमान भक्त मंडल, बिहारी जी भक्त मंडल, कुल्टी मदद फाउंडेशन, अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला समिति, जागृति क्लब, मारवाड़ी महिला समिति केंदुआ बाजार कुल्टी का विशेष सहयोग रहा ।












