मिशन रानीगंज फिल्म के कलाकारों का रानीगंज चेंबर आफ कामर्स में अभिनंदन:
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रानीगंज रानीगंज से समीर बाद्यकर की रिपोर्ट:
रुपहले पर्दे पर रानीगंज के महाबीर कोलियरी खदान हादसे की सच्ची कहानी पर आधारित एक फिल्म जल्द ही आने वाली है । ज्ञात हो कि 13 नवंबर 1989 को हुई उस घटना पर आधारित अक्षय कुमार और परिणीति चोपड़ा की फिल्म मिशन रानीगंज सिल्वर स्क्रीन पर आने वाली है । इस घटना में 65 मजदूरों को बचाया गया था. हालांकि शूटिंग के दौरान फिल्म का नाम कैप्सूल गिल रखा गया था, लेकिन अब इसका नाम बदलकर मिशन रानीगंज कर दिया गया है। औद्योगिक नगरी रानीगंज के लोगों के दिलों में आज भी उस भयानक हादसे की यादें कायम है. सूत्रों के मुताबिक, उस वक्त जिस एंबुलेंस का इस्तेमाल किया गया था, वह भी रानीगंज के बंसरा स्थित ईसीएल अस्पताल में रखी हुई है. इस फिल्म ने 34 साल पहले घटना की याद ताजा कर दी है. उस दुखद घटना में पंजाब के एक इंजीनियर श्री जसवन्त सिंह गिल ने उन 65 श्रमिकों को अँधेरे से बचाया। हालांकि, रानीगंज वासियों के लिए सच्ची घटना पर आधारित फिल्म देखने की इच्छा लोगों के मन में जाग उठी है. 13 नवंबर 1989 को क्या हुआ था? जिसे लेकर लोगों में अभी भी उत्सुकता बनी हुई है, ये फिल्म 6 अक्टूबर को सिल्वर स्क्रीन पर देखने को मिलेगी. हालांकि, मुंबई से आये फिल्म के लेखक विपुल केयर रावल और फिल्म के सभी स्थानीय अभिनेता और अभिनेत्रियों का रानीगंज चैंबर ऑफ कॉमर्स में स्वागत किया गया. इस संबंध में विपुल केआर रावल ने भी कहा कि यह फिल्म सच्ची घटनाओं पर आधारित है और इस सच्चाई को सामने लाने के लिए हम पिछले पांच वर्षों से कठिन परिश्रम कर रहे हैं, तब जाकर हम फिल्म का संपूर्ण निर्देशन कर पाए हैं। जो एक रानीगंज निवासी के रूप में हमारे लिए गर्व की बात बन गई है, और मुझे उम्मीद है कि उस सच्ची कहानी से जुड़े कुछ लोगों ने मुझे आशीर्वाद दिया और उनके साथ यह फिल्म पूरी की गई। हालांकि लेखक विपुल के राहुल इकबाल, राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता रुस्तम जैसी सुपरहिट फिल्में इससे पहले भी लिख चुके हैं। इसके बाद सच्ची कहानी पर आधारित मिशन रानीगंज सिल्वर स्क्रीन पर दिखाई जाने वाली है. फिल्म के लेखक विपुल के रावल को उम्मीद है कि यह फिल्म रानीगंज समेत पूरे भारत में ब्लॉकबस्टर हिट होगी. । इस मौके पर रानीगंज चैंबर ऑफ़ कॉमर्स के सभी वरिष्ठ पदाधिकारी गण उपस्थित थे












