रथयात्रा में हुए हादसे के स्थल पर पहुंचे कृष्णा प्रसाद हाइड्रा लगाकर पंडाल को उठाने का किया इंतजाम:
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आसनसोल :आज पूरे देश के साथ-साथ आसनसोल शिल्पांचल में भी उल्टा रथ का आयोजन किया गया । आसनसोल में बुधा मैदान में रथ का आयोजन किया जाता है आज उल्टा रथ के मौके पर यहां पारंपरिक पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया था और रथ को फिर वापस मंदिर ले जाने की तैयारी की जा रही थी कि तभी पंडाल टूट कर गिर पड़ा यह भगवान जगन्नाथ देव की कृपा रही कि इस घटना में किसी की जान नहीं गई और पंडाल टूटकर रथ पर गिरा कहा जा सकता है कि जैसे भगवान कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी उंगली पर उठाकर बाढ़ के समय अपने लोगों की रक्षा की थी आज ठीक वैसे ही भगवान जगन्नाथ ने पूरे पंडाल को अपने रथ पर लेकर पंडाल के अंदर मौजूद भक्तों की रक्षा की ।

घटना की जानकारी मिलते ही आसनसोल के विशिष्ट समाजसेवी कृष्णा प्रसाद जो कि रथयात्रा के समारोह में बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं वह घटनास्थल पर पहुंचे उन्होंने पूरी घटना का जायजा लिया उन्होंने रथ यात्रा उत्सव के आयोजकों से बात की और तुरंत हाइड्रा मशीनों का इंतजाम कर दिया जिस से गिरे हुए पंडाल को तुरंत उठाया जा सके ।

उन्होंने आयोजकों से बात की और उनको आश्वस्त किया कि बहुत जल्दी ही टूटे हुए पंडाल को उठाने का इंतजाम किया जाएगा उनके आश्वासन के बाद तुरंत कार्रवाई की गई और विशिष्ट समाजसेवी कृष्णा प्रसाद के तत्वावधान में हाइड्रा मशीन है तुरंत मौके पर पहुंच गए और टूटे हुए पंडाल को व्यवस्थित करने में जुट गई कृष्णा प्रसाद के इस त्वरित कार्रवाई से रथयात्रा के आयोजक और श्रद्धालु बेहद खुश हुए और उन्होंने इस कार्य के लिए उनको आशीर्वाद दिया इस संदर्भ में कृष्णा प्रसाद ने कहा कि रथयात्रा सनातन धर्म का एक बेहद महत्वपूर्ण उत्सव है आज एक हादसा हुआ लेकिन भगवान जगन्नाथ देव ने कोई बड़ा नुकसान होने नहीं दिया जैसे ही उनको इस हादसे की खबर मिली वह मौके पर पहुंचे और उन्होंने अपनी तरफ से जो कुछ किया जा सकता था उन्होंने किया और हाईड्रा मशीनें लगाकर गिरे हुए पंडाल को उठाने का इंतजाम किया उन्होंने कहा कि इसके बाद भी अगर किसी चीज की जरूरत होगी तो जरूर उपलब्ध कराएंगे












