बीएनआर के पास काजी नज़रुल इस्लाम की प्रतिमा पर माल्यार्पण ना करने के मुद्दे पर एआईएमआईएम ने उठाया सवाल गुरदास चटर्जी ने स्वीकारी गलती:
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आसनसोल :आज विद्रोही कवि काजी नजरुल इस्लाम की जयंती है इस मौके पर काजी नजरुल इस्लाम की जन्मस्थली शिल्पांचल के विभिन्न हिस्सों में काजी नजरुल इस्लाम को श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया लेकिन आसनसोल के बीएनआर इलाके में स्थित काजी नज़रुल इस्लाम की प्रतिमा पर आसनसोल नगर निगम या प्रशासन की तरफ से माल्यार्पण नहीं किया गया इसे लेकर ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन के पश्चिम बर्दवान जिला अध्यक्ष दानिश अजीज ने आसनसोल नगर निगम और स्थानीय प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए आड़े हाथों लेते हुए कहा की इससे साफ जाहिर होता है कि पश्चिम बंगाल के जो महापुरुष हैं उनके बारे में टीएमसी या आसनसोल नगर निगम क्या सोचती है उन्होंने कहा कि टीएमसी केवल अल्पसंख्यक समुदाय के विकास के बारे में बड़ी-बड़ी बातें करती है लेकिन सच्चाई यह है कि उनको इन महापुरुषों के साथ कोई लेना देना नहीं है यही वजह है कि आज काजी नजरुल इस्लाम को श्रद्धा सुमन तक अर्पित नहीं किया गया यहां तक की मूर्ति के आसपास की साफ-सफाई तक नहीं की गई उन्होंने इसके लिए आसनसोल नगर निगम और मंत्री मलय घटक को आड़े हाथों लिया। इस बारे में जब हमने आसनसोल नगर निगम के एमएमआईसी गुरदास चटर्जी से बात की तो उन्होंने कहा कि आज आसनसोल नगर निगम की तरफ से काजी नज़रुल इस्लाम की जयंती के अवसर पर कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया सुबह आश्रम मोड़ पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया इसके उपरांत शाम को रविंद्र भवन में सांस्कृतिक कार्यक्रम किए जा रहे हैं हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि बीएनआर में रविंद्र भवन के पास काजी नज़रुल इस्लाम की प्रतिमा पर माल्यार्पण न करना एक भूल है उन्होंने इस भूल को स्वीकार किया और कहा कि भविष्य में ऐसी भूल नहीं होगी












