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काजी नजरूल विश्वविद्यालय में आंदोलनकारियों ने किया संवाददाता सम्मेलन:

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आसनसोल :आसनसोल के कल्ला इलाके में स्थित काजी नजरूल विश्वविद्यालय में बीते 46 दिनों से शिक्षक अशिक्षक कर्मी छात्र-छात्राएं विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर डॉ साधन चक्रवर्ती को हटाए जाने की मांग पर आंदोलन कर रहे हैं बीते 46 दिनों से वहां पर धरना दिया जा रहा है इसके खिलाफ डॉक्टर साधन चक्रवर्ती द्वारा कोलकाता हाईकोर्ट में एक मामला दायर किया गया था उस मामले में अपनी राय देते हुए कोलकाता हाईकोर्ट ने यह कहां था कि विश्वविद्यालय में पठन-पाठन के माहौल को खराब करते हुए और विश्वविद्यालय में आवागमन को बाधित करते हुए किसी भी आंदोलन को प्रश्रय नहीं दिया जा सकता और आंदोलनकारियों को अपना आंदोलन विश्वविद्यालय परिसर से बाहर करना होगा उस राय में यह कहा गया था कि आंदोलनकारियों को विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार से 50 मीटर दूर आंदोलन करना होगा उसे लेकर आज आंदोलनकारियों द्वारा एक संवाददाता सम्मेलन किया गया जिसमें आंदोलनकारियों ने कहा कि वह अदालत के आदेश का सम्मान करते हैं लेकिन उन्होंने कुछ सवाल भी खड़े किए इनका कहना है कि अदालत को गलत जानकारी प्रदान की गई है अदालत के आदेश में कहा गया है कि कुछ अस्थाई कर्मियों द्वारा आंदोलन किया जा रहा है जबकि सच्चाई यह है कि विश्वविद्यालय के शिक्षक गैर शिक्षक और अन्य कर्मचारी यहां तक कि छात्र-छात्राएं भी इस आंदोलन में सम्मिलित है आंदोलनकारियों की सिर्फ एक ही मांग है वह है भ्रष्टाचारी वाइस चांसलर डॉ साधन चक्रवर्ती को हटाना होगा उनका साफ कहना है कि उनके आंदोलन के कारण विश्व विद्यालय में पठन-पाठन का माहौल खराब नहीं हो रहा है अगर किसी के कारण विश्वविद्यालय में पठन-पाठन का माहौल खराब हुआ है तो वह है डॉक्टर साधन चक्रवर्ती उन्होंने कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सपनों का प्रोजेक्ट है यह विश्वविद्यालय इस विश्वविद्यालय को सफल बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा तमाम तरह के प्रयास किए जा रहे हैं लेकिन डॉक्टर साधन चक्रवर्ती द्वारा अपने निजी हितों को साधने के लिए उन प्रयासों पर एक तरह से पानी फेरा जा रहा है उन्होंने कहा कि किसी को भी विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश करने से रोका नहीं जा रहा है ड साधन चक्रवर्ती खुद दो बार विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश कर चुके हैं विश्वविद्यालय प्रांगण में खड़े रहकर उन्होंने पत्रकारों से बात भी की है इसलिए यह कहना कि आंदोलन की वजह से विश्वविद्यालय में कोई प्रवेश नहीं कर पा रहा है सर्वथा अनुचित है इनका कहना है कि वह विश्वविद्यालय से बहुत ज्यादा प्यार करते हैं और इस विश्वविद्यालय को बर्बाद होते नहीं देख सकते और इनका आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक डाक्टर साधन चक्रवर्ती इस्तीफा नहीं देते हैं उन्होंने कहा कि आज अगर अन्य विश्वविद्यालय से तुलना की जाए तो अन्य विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों को जो सहूलियत मिलती है वह उनको नहीं मिलती लेकिन फीस कहीं ज्यादा भरनी पड़ती है

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