वामपंथी परिवहन कर्मियों की तरफ से 5 अप्रैल को होगा दिल्ली चलो अभियान:
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आसनसोल :परिवहन कर्मियों की 14 सूत्री मांगों के समर्थन में वामपंथी श्रमिक संगठन सीटू की तरफ से 5 अप्रैल को दिल्ली चलो अभियान का आह्वान किया गया है आज परिवहन कर्मियों का एक जाठा पश्चिम बर्दवान जिले में प्रवेश कर गया इसमें शामिल वामपंथी परिवहन कर्मी 5 अप्रैल को दिल्ली जाकर अपनी समस्याओं के बारे में केंद्र सरकार को अवगत कराएंगे आज पश्चिम बर्दवान जिले में इस जाठा के प्रवेश करने पर छोटा दिघारी एरिया कमेटी की तरफ से इसमें शामिल वामपंथी कार्यकर्ताओं का स्वागत किया गया इस बारे में अपना वक्तव्य रखते हुए वामपंथी परिवहन संगठन से जुड़े एक व्यक्ति ने कहा कि केंद्र सरकार जिस तरह से मोटर व्हीकल एक्ट 2019 के जरिए परिवहन व्यवसाय को निजी हाथों में सौंपने की साजिश में लगी हुई है इसी के खिलाफ सीटु की तरफ से 5 अप्रैल को दिल्ली चलो अभियान का आवाहन किया गया है उनका कहना था कि मोटर व्हीकल एक्ट 2019 के तहत अगर कोई सड़क हादसा होता है तो इसके लिए परिवहन कर्मी पर एक्स पार्टी करके मामला दर्ज किया जाएगा इससे सरकारी और गैर सरकारी दोनों परिवहन कर्मी प्रभावित होंगे परिवहन उद्योग से जुड़े मालिकों के रिनुअल फीस सहित अन्य करो में भी ऐसी तब्दीलियां की गई है कि मालिक पक्ष को भी भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा वही जो वर्कशॉप है उनको भी निजी हाथों में सौंपने की साजिश रची जा रही है उन्होंने राज्य सरकार पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार की गलत नीति को एक अप्रैल से लागू करने की बात कही जा रही है जिसके तहत 15 साल से पुराने वाहनों को रास्ते से हटाने की बात कही जा रही है उन्होंने कहा कि वाम फ्रंट के जमाने में जब 15 साल से पुराने वाहनों को हटाया जाता था तो उनके बदले मालिकों को सब्सिडी देकर उनके लिए नए वाहन की व्यवस्था की जाती थी लेकिन नए नियम में इस तरह का कोई प्रावधान नहीं है जिससे लाखों की तादाद में परिवहन कर्मी बेरोजगार हो जाएंगे मगर राज्य सरकार का इस तरफ कोई ध्यान नहीं है इसके साथ ही उनका कहना है कि वाम फ्रंट के जमाने में परिवहन कर्मियों के लिए जो सामाजिक सुरक्षा की योजनाएं थी उनको भी वर्तमान राज्य सरकार लागू नहीं कर रही है












