बकाया वेतन सहित अपनी विभिन्न मांगों के समर्थन में सीएमपीडीआई के ठेका श्रमिक आमरण अनशन पर:
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आसनसोल :सेंट्रल माइन प्लैनिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट या सीएमपीडीआई के ठेका श्रमिक आज से सीएमपीडीआई दफ्तर के सामने आमरण अनशन पर बैठ गए इनका कहना है कि इनको 6 महीने से इनका बकाया वेतन नहीं मिल रहा है इसके साथ ही पीएफ सहित अन्य सुविधाओं से भी इनको वंचित किया जा रहा है जिस वजह से इनके सामने अब अस्तित्व का संकट खड़ा हो गया है ।

इस बारे में पत्रकारों को जानकारी देते हुए हिंद मजदूर सभा के सचिव जे के सिंह ने बताया कि यहां प्रबंधन के कुछ लोगों के साथ मिलीभगत करके ठेकेदार ठेका श्रमिकों को वंचित कर रहे हैं । उनका आरोप है कि यहां पर न्यूनतम मजदूरी नहीं दी जाती वेतन भी 6 महीने से बकाया है ईएसआई प्रोविडेंट फंड आदि की सुविधाओं से भी ठेका श्रमिकों को वंचित किया जा रहा है लेकिन प्रबंधन का इस तरफ कोई ध्यान नहीं है उन्होंने कहा कि आज ऐसी नौबत आ गई है कि ठेका श्रमिकों को अपने परिवार के साथ भूखे मरना पड़ सकता है यही वजह है कि अपने घर में भूखे मरने से उन्होंने प्रबंधन के सामने भूखे मरना बेहतर समझा और यही वजह है कि आज वह यहां पर धरने पर बैठ गए हैं और जब तक प्रबंधन उनकी मांगों को नहीं मानेगा जब तक लगभग 200 ठेका श्रमिक जिनमें माली वाहन चालक सफाई कर्मचारी शामिल है यहां आमरण अनशन करेंगे और हिंद मजदूर सभा के महामंत्री शिव कांत पांडे के निर्देशानुसार अगली रणनीति तैयार करेंगे । वह सीएमपीडीआई में एक वाहन चालक अनुप बनर्जी ने कहा कि आज तकरीबन 200 ठेका श्रमिक यहां पर आमरण अनशन पर बैठ रहे हैं क्योंकि उनके पास और कोई चारा नहीं है उन्होंने कहा कि वह यहां वाहन चलाते हैं और सीएमपीडीआई में 5 ठेकेदार हैं जो वाहनों को ठेके पर चलाते हैं लेकिन कमोबेश सभी ठेकेदार के अधीन काम करने वाले मजदूरों की एक जैसी हालत है किसी का 6 महीने का किसी का 5 महीने का तो किसी का 4 महीने का वेतन बाकी है ईएसआई प्रोविडेंट फंड सहित अन्य सुविधाएं भी उन्हें नहीं मिलती हालत ऐसी हो गई है कि अब उनके सामने भूखे मरने की नौबत आ गई है यही वजह है कि आज से ठेका मजदूर आमरण अनशन पर बैठ गए हैं उन्होंने कहा कि इसके पीछे कोई राजनीति नहीं है यह सिर्फ मजदूरों के हक की लड़ाई है और इन मजदूरों ने आमरण अनशन पर बैठने का फैसला खुद लिया है क्योंकि इनके पास और कोई चारा नहीं है इनका आरोप है कि ठेकेदारों के साथ मिलीभगत करके कुछ सीएमपीडीआई प्रबंधन से जुड़े लोग इस तरह की हरकतें कर रहे हैं












