आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट ने कंबल हादसे पर की चैताली तिवारी से पूछताछ भाजपा नेता जितेंद्र तिवारी ने उठाए कई सवाल:
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*आसनसोल* :14 दिसंबर को आसनसोल के आर के डंगाल इलाके में भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के कंबल वितरण कार्यक्रम में हुई भगदड़ में 3 व्यक्तियों की मौत हो गई थी इसे लेकर उस वार्ड की भाजपा पार्षद चैताली तिवारी से पूछताछ करने के लिए आज आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के सात पुलिस अधिकारी चैताली तिवारी के गोधूलि स्थित आवास में पहुंचे। इस 7 सदस्यीय पुलिस टीम का नेतृत्व एसीपी रैंक के दो अधिकारी कर रहे थे पुलिस अधिकारियों द्वारा चैताली तिवारी से पूछताछ कर निकल जाने के बाद जब चैताली तिवारी के पति और कद्दावर भाजपा नेता जितेंद्र तिवारी पत्रकारों से रूबरू हुए तो उन्होंने आज पुलिस पूछताछ को लेकर कई सवाल खड़े किए उनका कहना था कि यह सही है कि अदालत का आदेश है कि पुलिस 1 दिन में चैताली तिवारी को सर्वोच्च 2 घंटों तक पूछताछ कर सकती है लेकिन क्या यह जरूरी था कि यह जानने के बाद भी की चैताली तिवारी बीमार है 2 घंटा ही पूछताछ की जाए ? आधा घंटा पहले भी तो पूछताछ खत्म किया जा सकता था लेकिन आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के अधिकारियों ने ऐसा नहीं किया और 2 घंटे तक ही पूछताछ की जिस वजह से पूछताछ के बाद चैताली तिवारी की तबीयत और ज्यादा बिगड़ गई जितेंद्र तिवारी ने कहा कि उन्होंने पूछताछ के उपरांत चैताली तिवारी से बात की तो उनको पता चला कि अदालत ने इस मामले के जांच अधिकारी को ही चैताली तिवारी से पूछताछ करने को कहा था जबकि आज आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के सात अधिकारी उनसे पूछताछ करने के लिए आए थे यह किस कानून के तहत किया गया वह नहीं जानते। जितेंद्र तिवारी ने कहा कि पुलिस का यह रवैया सिर्फ तृणमूल कांग्रेस के नेताओं को खुश करने के लिए था तृणमूल कांग्रेस के नेता जितेंद्र तिवारी और उनकी पत्नी को परेशान करना चाहते हैं इस वजह से आज एक महिला को यह जानते हुए भी कि वह बीमार है 2 घंटों तक जिरह की गई जितेंद्र तिवारी ने सवाल किया कि एक दुर्भाग्य जनक घटना में तीन व्यक्तियों की मौत हो गई थी लेकिन 14 दिसंबर की घटना से 2 दिन पहले रेलपार में ही 1 मुस्लिम बच्चे की नगर निगम के हाइड्रेन में गिरने से मौत हो गई थी वह बच्चा नगर निगम के इस हाइड्रेन में गिर गया था उसे गंभीर अवस्था में आसनसोल जिला अस्पताल में भर्ती किया गया था जहां से सही इलाज के बगैर ही उसे छुट्टी दे दी गई फिर जब उसे आसनसोल जिला अस्पताल ले जाया गया तो उसे बर्दवान मेडिकल कॉलेज ले जाने पर बच्चे की मौत हो गई इस पर जांच क्यों नहीं की जा रही है जिला अस्पताल के उन चिकित्सकों और अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है जिनकी वजह से एक मासूम बच्चे की जान चली गई तृणमूल कांग्रेस के जो नेता इन मृत व्यक्तियों के परिवारों से मिलने गए थे उन लोगों ने इस बच्चे के परिवार से मिलने की जहमत क्यों नहीं उठाई इस बच्चे का घर तो उस इलाके से महज 100 मीटर की दूरी पर है उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस 3 मौतों को लेकर राजनीति कर रही है वह चाहते हैं कि जितेंद्र तिवारी और चैताली तिवारी बंगाल छोड़कर चले जाएं लेकिन जब तक उनकी जान में जान है वह बंगाल छोड़कर नहीं जाएंगे वह यहीं पैदा हुए है और यही उनकी मौत भी होगी उन्होंने साफ कहा कि जब तृणमूल कांग्रेस भाजपा से राजनीतिक तौर पर जुझ नहीं पा रही है तो प्रशासन का गलत इस्तेमाल कर भाजपा नेताओं को परेशान किया जा रहा है लेकिन भाजपा नेता या कार्यकर्ता इससे परेशान नहीं होने वाले और वह लोग कानूनी तौर पर परिस्थिति का मुकाबला करेंगे । वही इस आरोप पर कि वहां पर स्वेच्छा सेवकों के अभाव के कारण यह हादसा हुआ है इस पर जितेंद्र तिवारी ने कहा कि अगर वहां पर पुलिस को स्वेच्छा सेवकों का अभाव नजर आया तो पुलिस ने लोगों की सुरक्षा का इंतजाम क्यों नहीं किया लोगों की सुरक्षा का इंतजाम करना तो पुलिस की जिम्मेदारी है पुलिस ने अपनी जिम्मेदारी क्यों नहीं निभाई और जो तृणमूल कांग्रेस के नेता यह सारी बातें कर रहे हैं तृणमूल कार्यकर्ताओं ने क्यों नहीं आगे बढ़कर सुरक्षा का इंतजाम किया वह तो कोई पार्टी का कार्यक्रम नहीं था












