आसनसोल कोर्ट के जी.आर.ओ. देवाशीष चौधरी ने की श्यामा साहित्य पत्रिका प्रकाशित:
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आसनसोल: अक्सर कानूनी दांव पेंच में उलझे रहने वालों के लिए साहित्य जैसी कोमल चीजों के लिए समय नहीं मिलता । मगर वह कहते हैं न हर नियम का अपवाद होता है । आसनसोल जिला कोर्ट के जी.आर.ओ. देवाशीष चौधरी इसका एक उदाहरण हैं । देवाशीष चौधरी ने श्यामा साहित्य पत्रिका को बड़े ही प्रेम भाव से प्रकाशित किया। देवाशीष चौधरी आसनसोल जिला कोर्ट के जी.आर.ओ. होने के साथ ही इस पत्रिका के संपादक भी हैं। इस पत्रिका में लघु कहानियां, तरह तरह की कविताएं समेत बिभिन्न अन्य मनोरंजक विषयों ने भी अपना एक स्थान पाया है। इस संदर्भ में श्यामा साहित्य पत्रिका के संपादक देवाशीष चौधरी ने बताया कि कई प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद इसमें स्थानीय कवि, लेखकों के लिए एक अवसर प्रदान करने का प्रयास किया गया है। इस पत्रिका के प्रकाशन के बाद सभी साहित्य प्रेमी तथा पाठक वर्ग के लोगों में काफी उत्साह भी देखा गया है। देवाशीष चौधरी ने कहा कि पुलिस के जवान अदालत में वादी और न्यायाधीश पर अपना ध्यान केंद्रित करते हैं। वहीं वकील तथा कोर्ट के कर्मचारी भी दिन भर मशीनों की तरह अपना काम करते हैं। हालांकि कुछ लोग ऐसे भी हैं जो इनसे काफी अलग भी हैं। श्यामा साहित्य पत्रिका के लिए शिक्षकों तथा प्राध्यापकों ने भी आगे आकर कलम भी उठाई है। श्री चौधरी ने कहा कि सृष्टि में एक शाश्वत आनंद है तथा आसनसोल कोर्ट के एक छोटे से दायरे में इस आनंद को आपस में बांटने का एक सुंदर प्रयास किया गया है। श्री चौधरी इस पत्रिका के संपादक रहते हुए भी आसनसोल कोर्ट के जी.आर.ओ. के रूप में भी अपना पदभार ग्रहण कर एक बड़ी पहल की। उन्होंने यह भी कहा कि यह कठिन कार्य सभी लोगों के सहयोग से ही संभव हो पाया है। भविष्य में भी अवसर मिलने पर वह सर्वांगीण सुन्दर पत्रिका प्रकाशित करने का भी प्रयास करेंगे।












