सड़क हादसे में मृत विदेश देवघरिया के मुद्दे पर आसनसोल के विधायक अग्निमित्रा पाल पहुंची जिला अस्पताल:
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आसनसोल :आसनसोल दक्षिण की विधायक अग्निमित्रा पाल आज अपने समर्थकों के साथ आसनसोल जिला अस्पताल पहुंचे यहां उन्होंने काफी देर तक विरोध प्रदर्शन किया इसके उपरांत वह आसनसोल जिला अस्पताल के सुपर डॉक्टर निखिल चंद्र दास से मिलीं। उन्होंने अस्पताल में चिकित्सकीय सेवाओं पर नाराजगी जताते हुए कहा कि मंगलवार रात को चित्रा मोड़ के पास जो सड़क हादसा हुआ था उसमें दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए थे उसमें से विदेश देवघरिया हादसे के बाद भी 5 घंटों तक जिंदा थे लेकिन यहां जिला अस्पताल में उसकी ठीक तरह से चिकित्सा ना होने से उसकी मौत हो गई उन्होंने कहा कि 5 घंटे तक विदेश देवघरिया मौत से जूझता रहा लेकिन यहां के डॉक्टरों ने उसका सही तरीके से इलाज नहीं किया आखिरकार जब उसको रेफर किया गया तब तक बहुत देर हो चुकी थी और रास्ते में ही उसकी मौत हो गई पत्रकारों से बात करते हुए अग्निमित्रा पाल ने कहा कि यह पूरी तरह से आसनसोल जिला अस्पताल में चिकित्सकों की लापरवाही के कारण हुआ है इसके साथ ही उन्होंने चिकित्सकों के 1 वर्ग कुछ नर्सिंग स्टाफ और यहां के कुछ कर्मचारियों पर रोगी और उनके परिवार वालों के साथ बदसलूकी का भी आरोप लगाया वही उन्होंने अस्पताल में मूलभूत सुविधाएं जैसे दवाइयां एनेस्थेटिक डॉक्टर की कमी का भी हवाला देते हुए सवाल किया कि आखिर इन सब सुविधाओं को बेहतर क्यों नहीं किया जा रहा है उन्होंने कहा कि ट्रामा सेंटर आज 6 महीने से बन ही रहा है लेकिन अभी तक वह बनकर तैयार क्यों नहीं हुआ विधायक ने पूछा कि अस्पताल के लिए जो फंड आता है उसका क्या होता है इसका जवाब प्रशासन को देना होगा वही उन्होंने कहा कि आसनसोल जिला अस्पताल उनके विधानसभा क्षेत्र में है लेकिन रोगी कल्याण समिति मंत्री मलय घटक चेयरमैन है लेकिन उनको जगह नहीं दी गई है उन्होंने कहा कि भले ही उनको जगह न दी जाए लेकिन वह इस तरह के सवाल पूछती रहेंगी जो आम जनता से जुड़े हुए हैं अग्निमित्रा पाल ने कहा कि आज सुपर के साथ बैठक के दौरान उन्होंने साफ कहा कि आज उन्होंने जिन मुद्दों को उठाया है उन मुद्दों को लेकर फिर आएंगी और अगर इनका निराकरण नहीं किया गया तो वह यहां आमरण अनशन करेंगे वही जब हमने इस संदर्भ में डॉ निखिल चंद्र दास से बात की तो उन्होंने कहा कि आज विधायक उनसे मिलने पहुंची थी और सड़क हादसे में मृत दो युवकों के मुद्दे को उन्होंने उठाया उन्होंने कहा कि यह जांच का विषय है कि रेफर करने में देरी हुई थी या नहीं उन्होंने कहा कि जिन हालातों में उन दोनों को यहां लाया गया था वह काफी गंभीर थे और चिकित्सकों ने उनकी गंभीरता को देखते हुए उन्हें रेफर किया था वहीं अस्पताल के कर्मचारियों और चिकित्सकों द्वारा रोगी और रोगी के परिवार वालों के साथ बदसलूकी किए जाने के आरोपों पर उन्होंने कहा कि समय-समय पर उनकी काउंसलिंग की जाती है और अगर इस तरह की शिकायत आएगी तो उस पर कार्रवाई की जाएगी वही एनेस्थीसिया के चिकित्सक के ना होने के बाद पर उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले तक यहां पर एनेस्थीसिया के चिकित्सक नहीं थे लेकिन अब वह कमी भी पूरी कर ली गई है वहीं ट्रामा सेंटर की बात पर उन्होंने कहा कि ट्रामा सेंटर भी चालू है हालांकि रोगी कल्याण समिति की बात पर उन्होंने कहा कि उस कमेटी में कौन रहेगा और कौन नहीं यह तय करना उनके हाथ में नहीं है













