विजयादशमी पर शिल्पांचल के विभिन्न पूजा पंडालों में महिलाओं ने खेला पारंपरिक सिंदूर खेल:
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आसनसोल :मां दुर्गा की आराधना के 4 दिन बीत जाने के उपरांत आज दशमी का वह दिन आ ही गया जब मां के वापस जाने का समय आ गया बंगाल की सभ्यता के अनुसार आज आसनसोल शिल्पांचल के विभिन्न पूजा पंडालों में सुहागिन महिलाओं ने एक दूसरे को सिंदूर लगाया सबसे पहले इन्होंने सिंदूर से मां दुर्गा की प्रतिमा को सुसज्जित किया इसके उपरांत मां के पैरों में सिंदूर लगाकर उस सिंदूर से एक दूसरे को रंग दिया माना जाता है कि ऐसा करने से सुहागिनों का सुहाग बरकरार रहता है इसके साथ ही दुर्गा पूजा के आयोजन में सबसे महत्वपूर्ण चीज घट का भी विसर्जन हुआ आसनसोल की सबसे प्राचीन दुर्गा पूजा अघोरी पाड़ा में होती है सदियों से यहां मां दुर्गा की आराधना की जाती है और वह भी बिल्कुल पारंपरिक बंगाली अंदाज में आज अघोरी पाड़ा के मंदिरों में भी सुहागिन महिलाओं ने सिंदूर से एक दूसरे को रंग दिया।












