साइगल हुसैन को आसनसोल की विशेष सीबीआई अदालत में किया गया पेश, नहीं मिली जमानत:
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आसनसोल :मवेशी तस्करी मामले में आज टीएमसी के कद्दावर नेता अनुब्रत मंडल के अंगरक्षक साइगल हुसैन को आसनसोल की विशेष सीबीआई अदालत के सामने पेश किया गया था यहां साइगल हुसैन के वकीलों ने अदालत के सामने उनके जमानत की अर्जी डाली उनके वकीलों का कहना था कि इस मामले में चार्जशीट का गठन हो चुका है और साईगल हुसैन को न्यायिक हिरासत में रहते हुए 100 दिन से ज्यादा हो गए हैं अब उनको जमानत मिल जानी चाहिए । इन दलील को सामने रखते हुए उनके जमानत की अर्जी डाली गई थी लेकिन अदालत ने इन दलीलों को नहीं माना और साइगल हुसैन की जमानत की अर्जी खारिज कर दी और उनको 29 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया । इस संदर्भ में उनके वकील ने कहा कि 11 अगस्त को अनुब्रत मंडल को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के समय दोपहर 3:36 मिनट पर उनके पास से दो मोबाइल जब्त किए गए थे 17 तारीख तक यह मोबाइल सीबीआई की हिफाजत में थे 18 तारीख को सीबीआई ने इन मोबाइलों को जांच के लिए अपनी हिफाजत में लेने के लिए अदालत में अर्जी डाली थी साइगल हुसैन के वकील ने बताया कि जब 11 अगस्त को उन को गिरफ्तार किया गया और 18 अगस्त को इन मोबाइलों को अपनी हिफाजत में लेने के लिए सीबीआई ने अदालत में अर्जी डाली थी तो 11 अगस्त से 17 अगस्त तक किस अधिकार से सीबीआई ने इन मोबाइलों को अपने पास रखा उन्होंने आशंका जताई कि 11 अगस्त से लेकर 17 अगस्त तक के समय काल में इन मोबाइलों के साथ छेड़खानी की गई होगी । साइगल हुसैन के वकील ने कहा कि आज अदालत ने भी उनकी दलील को स्वीकार करते हुए इन मोबाइलों को सीएफएसएल के विशेषज्ञ के पास जांच के लिए भेजने का आदेश दिया और यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा कि 11 अगस्त से लेकर 17 अगस्त तक इन मोबाइलों के साथ कोई छेड़खानी हुई है या नहीं यह भी पता लगाएं साइगल हुसैन के वकील ने कहा कि मोबाइल इस केस में डिजिटल प्रमाण के तौर पर पेश किए जा रहे हैं लेकिन सीबीआई ने जिस पद्धति से इन मोबाइलों को जब्त किया था वह कानूनी तौर पर सही नहीं था। वहीं आज सीबीआई द्वारा अदालत में चार्जशीट पेश किया गया लेकिन संपुर्ण चार्जशीट पेश नहीं किया गया। सीबीआई ने अदालत में कहा कि बाद में चार्जशीट का बाकी हिस्सा अदालत में पेश किया जाएगा












