आसनसोल और बालीगंज उपचुनाव के नतीजे और बंगाल में भाजपा का भविष्य:
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आसनसोल: आसनसोल लोकसभा उपचुनाव के नतीजे सामने आने के बाद जाहिर सी बात है टीएमसी का खेमा बेहद खुश हैं शायद उनको भी अंदाजा नहीं था कि वह इतनी बड़ी मार्जिन से जीत हासिल करने में संभव रहेंगे चुनाव से पहले टीएमसी नेतृत्व दावा कर रहा था कि इस बार एक नया इतिहास रचा जाएगा और नतीजा निकलने के बाद देखा गया कि उनके दावे सच साबित हुए । लेकिन इन चुनाव के नतीजों ने जिसे एक पार्टी को सबसे करारा झटका दिया है वह है भारतीय जनता पार्टी आसनसोल में पिछले दो बार से भाजपा ने जीत हासिल की थी दोनों बार भाजपा ने दावा किया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लहर के कारण बाबुल सुप्रियो यहां से जीतने में कामयाब रहे चुनाव से पहले जब वर्तमान टीएमसी नेता बाबुल सुप्रियो ने यह दावा किया था कि भाजपा आसनसोल से जीत नहीं पाएगी तब भाजपा के प्रत्याशी अग्निमित्रा पाल ने बाबुल सुप्रियो पर कटाक्ष करते हुए कहा था कि उनको लगता है कि आसनसोल से दो बार सांसद बनने के पीछे उनका श्रेय है जबकि यह श्रेय पूरी तरह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का है उन्होंने चुनौती भरे लहजे में कहा था कि अगर बाबुल सुप्रियो को आसनसोल में अपनी जीत पर इतना ही भरोसा है तो वह क्यों नहीं चुनाव लड़े हालांकि नतीजे आने के बाद देखा गया कि बाबुल सुप्रियो का आंकलन सही था और भाजपा को तीन लाख से ज्यादा मतों से शिकस्त झेलनी पड़ी वही बालीगंज में भी भाजपा तीसरे नंबर पर रही और वहां से बाबुल सुप्रियो विधायक चुने गए इन नतीजों के बाद पूरे बंगाल में जैसे भाजपा में विद्रोह सा होने लगा है भाजपा के स्थानीय नेता विभिन्न जगहों पर प्रदेश भाजपा नेतृत्व और जिला नेतृत्व पर सवाल उठा रहे हैं पश्चिम बर्दवान जिला भी इसका अपवाद नहीं रहा शीतला में बने भाजपा पार्टी कार्यालय में भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने पश्चिम बर्दवान जिला भाजपा अध्यक्ष दिलीप दे के सामने अपना गुस्सा जाहिर किया हालांकि दिलीप दे ने इस मामले को ज्यादा गंभीर मानने से इनकार किया उन्होंने कहा कि कुछ कार्यकर्ता आए थे और वह इस हार को लेकर थोड़े निराश थे और इसके कारणों की समीक्षा करना चाहते थे वहीं बंगाल के अन्य जगहों से भी कुछ इसी तरह की खबरें आ रही हैं जहां भाजपा के स्थानीय नेता कार्यकर्ता असंतोष जाहिर कर रहे हैं । आसनसोल की बात करें तो यहां भाजपा के पुराने नेता और कार्यकर्ता इशारों इशारों में भाजपा के उन नेताओं की तरफ इशारा कर रहे हैं जो टीएमसी से आकर भाजपा के बड़े नेता बन गए हैं ऐसे में सवाल ये उठता है कि अब प्रदेश में और खासकर शिल्पांचल में भाजपा का भविष्य क्या होगा हमने देखा कि नगर निगम चुनाव से पहले ही भाजपा के कुछ नेता टीएमसी में शामिल हो गए थे माना जा रहा है कि लोकसभा उपचुनाव के नतीजों के बाद ऐसे नेताओं की संख्या बढ़ सकती है । हमें याद है की टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने कुछ महीनों पहले एक बयान दिया था जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर टीएमसी अपनी पार्टी का दरवाजा खोल दें तो भाजपा नाम की पार्टी बंगाल से खत्म हो जाएगी अब देखना यह है कि क्या सच में टीएमसी ऐसा करेगी और आने वाले समय में बंगाल में भाजपा का भविष्य क्या होगा












