shilpanchaltoday shilpanchaltoday shilpanchaltoday shilpanchaltoday shilpanchaltoday shilpanchaltoday shilpanchaltoday shilpanchaltoday
April 18, 2026

Asansol Times

Asansol Times News

WhatsApp Image 2025-05-17 at 11.36.44 AM
WhatsApp Image 2025-05-17 at 11.36.45 AM
WhatsApp Image 2025-05-05 at 10.37.07
WhatsApp Image 2024-12-02 at 3.16.11 PM
g1
G2
logo
rajhans FNL
asn
WhatsApp Image 2023-11-13 at 3.05.53 PM
IMG-20220308-WA0001
IMG-20220314-WA0011
Slide

हुमायूं कबीर के वायरल वीडियो का असर एआईएमआईएम ने तोड़ा आम जनता उन्नयन पार्टी से अपना गठबंधन

1 min read

:बंगाल चुनाव में अभी पहले चरण का मतदान हुआ भी नहीं है लेकिन तमाम तरह की राजनीतिक गतिविधियों और उठापटक शुरू हो चुकी है बंगाल चुनाव में एआइएमआइएम ने आम जनता उन्नयन पार्टी के साथ गठबंधन किया था जैसा कि हम जानते हैं कि आम जनता उन्नयन पार्टी का गठन पूर्व टीएमसी नेता हुमायूं कबीर द्वारा किया गया था हुमायूं कबीर ने आम जनता उन्नयन पार्टी का गठन किया था और बंगाल विधानसभा चुनाव लड़ने की बात कही थी बंगाल में एआइएमआइएम ने हुमायूं कबीर की पार्टी के साथ गठबंधन किया था और सीट शेयरिंग की थी लेकिन कल हुमायूं कबीर का एक वीडियो वायरल हुआ वीडियो की सत्यता की जांच आसनसोल टाईम्स में नहीं की है इस वीडियो में दिखाया जा रहा है की हुमायूं कबीर पैसों के लिए बंगाल में मुसलमान समुदाय के वोट को काटने की बात कर रहे हैं जिससे विधानसभा चुनाव में भाजपा को फायदा मिले हालांकि हुमायूं कबीर ने संवाददाता सम्मेलन कर स्पष्टीकरण भी दिया कि यह फर्जी वीडियो है ए आई से बनाया गया है लेकिन इस वीडियो के सामने आने के बाद एआइएमआइएम ने विधानसभा चुनाव में आम जनता उन्नयन पार्टी के साथ अपना गठबंधन तोड़ लिया है

इस बारे में ए आई एम आई एम के आधिकारिक एक्स हैंडल से इस बात की जानकारी भी दी गई है इसमें कहा गया है की एआइएमआइएम ऐसे किसी भी संगठन से नहीं जुड़ सकती जो अनुसूचित जाति जनजाति ओबीसी अल्पसंख्यक समुदाय के हितों के साथ चुनावी फायदे के लिए समझौता करे। इसे लेकर आसनसोल उत्तर के एआईएमआईएम प्रत्याशी दानिश अजीज ने भी पार्टी के इस फैसले पर मुहर लगाई और कहा पार्टी ऐसा कोई भी काम नहीं करेगी जिससे कि अनुसूचित जाति जनजाति ओबीसी अल्पसंख्यक और वंचित वर्ग के लोगों का नुकसान हो उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति या संगठन ऐसे लोगों के हितों की रक्षा की बात करती है अगर उनकी नियत को लेकर एक प्रतिशत सवाल भी खड़ा होता है तो एआइएमआइएम वैसे व्यक्तियों और संगठनों से कोई वास्ता नहीं रखेगी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page