नक्सल नेता महादेव मुखर्जी की पुण्यतिथि पर उनके बेटे मृत्युंजय मुखर्जी के नेतृत्व में हुए कई कार्यक्रम
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:नक्सल नेता महादेव मुखर्जी की मृत्यु वर्षगांठ के अवसर पर आसनसोल के श्रीपल्ली स्थित उनके आवास पर स्वर्गीय महादेव मुखर्जी के पुत्र मृत्युंजय मुखर्जी के नेतृत्व में रक्तदान और नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया गया। यहां बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे, जिनकी आंखों की जांच की गई। इसके अलावा कई लोगों ने यहां रक्तदान किया।
इस विषय पर मृत्युंजय मुखर्जी ने कहा कि उनके पिता महादेव मुखर्जी भारत के कम्युनिस्ट आंदोलन के एक अग्रणी नेता थे। उन्होंने काकाबाबू अर्थात मुज़फ्फर अहमद के निर्देश पर आसनसोल में आकर कम्युनिस्ट आंदोलन के बारे में लोगों को जागरूक करने का काम शुरू किया था। लेकिन 1969 में उन्होंने सीपीआई (एमएल) में शामिल हो गए और नक्सलबाड़ी से शुरू हुए नक्सल आंदोलन से जुड़ गए।
मृत्युंजय मुखर्जी ने कहा कि उनके पिता की मृत्यु वर्षगांठ के अवसर पर हर साल की तरह इस साल भी उन्होंने विभिन्न सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया है। आज यहां रक्तदान शिविर और नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया गया है। नेत्र जांच के बाद जिन लोगों को मोतियाबिंद ऑपरेशन की आवश्यकता होगी, उनका ऑपरेशन कराया जाएगा। इसके अलावा आज कविता पाठ, चित्रकला, नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है और कल कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही सोमवार को आसनसोल के 15 प्रतिष्ठित लोगों को आसनसोल का सर्वश्रेष्ठ सम्मान दिया जाएगा और उसके बाद लोकगीत का आयोजन किया जाएगा। अंत में पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया जाएगा।












