सिंहारन नदी को बचाने की मांग पर पदयात्रा
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: सिंहारन नदी बचाओ कमेटी द्वारा जमुरिया में सिंहारन नदी की रक्षा के लिए दो दिवसीय पदयात्रा निकाली गई है इस संबंध में संगठन के कन्वीनर अजित कुमार कोड़ा ने बताया यह नदी प्राचीन नदी है। कहा जाता है कि भवानी पाठक और साधक बामा खेपा ने इस नदी के जल से सिंहारन मां काली प्रतिमा की पूजा अर्चना की थी। लेकिन आज उस नदी को नष्ट किया जा रहा है उन्होंने कहा कि खासकर जमुरिया से लेकर बेल बाद तक नदी की हालत बहुत ज्यादा खराब है यहां पर कारखाना मालिकों द्वारा नदी पर अतिक्रमण कर लिया गया है जो नदी 200 फीट चौड़ी थी वह इस क्षेत्र में सिर्फ 20 फीट रह गई है। उन्होंने कहा कि इस नदी के दुर्दशा को लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री से लेकर प्रशासन के हर स्तर पर गुहार लगाई है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है आसनसोल में एक तालाब को भरा जाता है उसे पर मुख्यमंत्री बयान देती हैं लेकिन यहां पर एक ऐतिहासिक नदी को नष्ट किया जा रहा है उसे पर मुख्यमंत्री का कोई बयान नहीं आ रहा है












