समाजसेवी सुधा देवी ने किया संवाददाता सम्मेलन:
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विशिष्ट समाजसेवी और दिवंगत राम लखन देवी की पत्नी सुधा यादव ने आज एक संवार दाता सम्मेलन किया। सुधा देवी ने कहा कि कल आसनसोल अदालत से उनको एक नोटिस मिला है। इसमें धनंजय सिंह ने उनपर मानहानि का मुकदमा दायर किया है। सुधा देवी ने कहा कि इस मामले को समझने के लिए अतीत में जाना होगा। साल 2011 के 2 जुन को दोपहर में उनके पति राम लखन यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उनके साथ दो लोग और मारे गए थे और उनका एक कर्मचारी घायल हो गया था। इसके करीब 4 महीने बाद उत्तर प्रदेश से 3 लोग गिरफतार हुए। उनके पास से राम लखन यादव की लाइसेंस वाली बंदूक बरामद हुईं। सुधा देवी ने कहा कि उन्होंने कभी भी किसी का नाम नहीं लिया। उन पकड़े गए लोगों ने ही बयान दिया था कि उनकी डीके भईया से बात होती थी। सुधा देवी ने कहा कि पकड़े गए लोगों ने कहा था कि डीके भईया एक प्रोमोटर हैं और एक अन्य प्रोमोटर जो डिसटर्ब कर रहा है उसका काम करना है। सुधा देवी ने बताया कि उन्होंने कभी किसी के खिलाफ बयान नहीं दिया। डीके उन पकड़े गए लोगों के बयान पर गिरफ्तार हुए जिससे आसनसोल ने खलबली मच गई क्योंकि वह राम लखन यादव के काफी करीबी थे। गिरफ्तारी के बाद डीके द्वारा जमानत की काफी कोशिश की गई। आखिरकार हाई कोर्ट से उनके आसनसोल में प्रवेश पर रोक लगाई गई। सुधा देवी ने कहा कि 3 साल वह घायब रहा आखिरकार 3 साल बाद मेडीकल ग्राउंड पर उनको जमानत मिल गई यहां तक कि उन तीन आरोपियों को भी ज़मानत मिल गई। सुधा देवी ने इसपर हैरानी जताई। उन्होने बताया कि इनकी जमानत रद्द कराने वह सुप्रीम कोर्ट तक गईं। सुप्रीम कोर्ट ने कुछ शर्तों के साथ उसे आसनसोल में रहने की अनुमती दी। उन्होंने कहा कि आज डीके इनपर इल्जाम लगा रहे हैं कि राम लखन यादव के अवैध कारोबार थे या फिर सुधा देवी उनके पति की हत्या का आरोप उन पर लगा रही हैं। सुधा देवी ने कहा कि यह सब डीके को 11 साल बाद याद आ रहा है। सुधा देवी ने आरोप लगाया कि पिछले 11 सालों से डीके उनके परिवार को परेशान किए हुए है उनके सभी कारोबार को हड़पने की कोशिश कर रहा था। आज वही उन पर मानहानि का मुकदमा दायर कर दिया। उन्होंने प्रशासन से गुहार लगाई कि उनको जो सुरक्षा दी गई है उसे बढ़ाई जाए ताकि वह अपने बच्चों के साथ चैन से जी सकें












