वेनेज़ुएला के खिलाफ अमरिकी अभियान को लेकर आसनसोल में माकपा ने किया विरोध सभा
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: 3 जनवरी को अमेरिकी सेना ने लातिन अमेरिकी देश वेनेजुएला में अभियान चलाया और वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलास मादुरो और उनकी पत्नी को अमेरिकी सेना ने अपहरण कर लिया और उन्हें अमेरिका ले गई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का आरोप है कि निकोलास मादुरो और उनकी पत्नी मादक पदार्थों के कारोबार में शामिल थे और वे अमेरिका के खिलाफ काम कर रहे थे। इसलिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला में यह अभियान चलाया और एक सार्वभौमिक देश के राष्ट्रपति और उनकी पत्नी को अपहरण कर अमेरिका ले गई और उनके खिलाफ अमेरिकी कानून के तहत मामला शुरू किया।
इसका विरोध करते हुए आज आसनसोल के रबींद्र भवन के सामने सीपीएम की ओर से विरोध सभा का आयोजन किया गया। यहां असनसोल सीपीएम की ओर से नेता और अन्य समर्थक उपस्थित थे। इस बारे में पार्थ मुखर्जी ने कहा कि 3 जनवरी को अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला में जो अभियान चलाया है, उसकी निंदा करने के लिए शब्द नहीं हैं। वेनेजुएला एक सार्वभौमिक देश है, उसके राष्ट्रपति और राष्ट्रपति की पत्नी को जिस तरह से सेना ने अभियान चलाकर अपहरण किया है, यह अंतरराष्ट्रीय नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। लेकिन अंतरराष्ट्रीय समुदाय आज चुप है। डोनाल्ड ट्रंप के इस अभियान के पीछे एकमात्र उद्देश्य वहां के तेल भंडार पर कब्जा करना है। भारत के खिलाफ भी अमेरिका लगातार बयानबाजी कर रहा है और भारत के खिलाफ टैरिफ युद्ध शुरू किया है। अमेरिका भारत को रूस से तेल खरीदने से रोक रहा है, लेकिन भारत की ओर से वैसा प्रतिरोध या विरोध नहीं दिख रहा है, जैसा लैटिन अमेरिकी देशों के राष्ट्राध्यक्ष कर रहे हैं।












