पश्चिम बर्धमान जिले में 86.83% फार्म का हो चुका है डिजिटाइजेशन
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आसनसोल : पश्चिम बंगाल में एसआईआर की प्रक्रिया लगभग अपने समापन की तरफ आ चुकी है। 16 तारीख को ड्राफ्ट सूची जारी की जाएगी उससे पहले आज पश्चिम बर्दवान जिले के नाम विधानसभा केंद्रों का ब्योरा आ गया। इसमें दुर्गापुर पूर्व में सबसे अच्छा काम हुआ है यहां पर 89.81% एन्यूमरेशन फॉर्म का डिजिटाइजेशन हो चुका है माही पांडेश्वर में यह आंकड़ा 88.4 1% है दुर्गापुर पश्चिम में 87.99% रानीगंज में 86.24% जमुरिया में85. 63% आसनसोल दक्षिण में यह आंकड़ा 86.30% आसनसोल उत्तर में यह आंकड़ा 85.27% कुल्टी में यह आंकड़ा 85.33% और बाराबनी में 86.68% एन्यूमरेशन फॉर्म का डिजिटाइजेशन हो चुका है इस तरह से पूरे जिले में 86.83% एन्यूमरेशन फॉर्म का डिजिटाइजेशन हो चुका है
पूरे पश्चिम वर्धमान जिले में 23 27111 फार्म प्रदान किए गए जिनमें से 2020 6 76 फार्म का डिजिटाइजेशन पूरा हो गया। इस पूरे मुद्दे पर आज आसनसोल में पश्चिम बर्दवान जिला कार्यालय में एक आल पार्टी मीटिंग हुई जिसमें इलेक्शन कमीशन के सेंट्रल ऑब्जर्वर आए हुए थे इस बैठक में पश्चिम बर्दवान जिला शासक भी मौजूद थे और यहां पर सभी दलों के प्रतिनिधि उपस्थित थे उन्होंने अब तक इस प्रक्रिया को लेकर अपनी बातें और अपने विचार सेंट्रल आब्जर्वर के सामने रखें इसके बाद पत्रकारों से बात करते हुए भाजपा के प्रतिनिधि सौम्य ने बताया कि अभी तक पश्चिम बर्धमान जिले में 3 लाख से ज्यादा मतदाताओं के फॉर्म अनकलेक्टेबल बताए जा रहे हैं इसका मतलब भारतीय जनता पार्टी की तरफ से अभी तक फर्जी मतदाताओं को लेकर जो दावा किया जा रहा था वह कहीं ना कहीं सच साबित हो रहा है इसीलिए आज की बैठक में भारतीय जनता पार्टी की तरफ से यह मांग की गई की मतदाता सूची को पूरी तरह से पारदर्शी बनाना होगा और इस क्षेत्र में जो बहुमत जिला इमारतें हैं वहां पर बुथ सेंटर बनाना होगा ताकि किसी भी वैध वोटर का नाम ना कटे और कोई फर्जी मतदाता मतदाता सूची में जगह न पा जाए भाजपा के प्रतिनिधि ने बताया कि 16 तारीख को ड्राफ्ट रोल निकलेगा लेकिन उनका पूरा अंदेशा है कि उसमें भी फर्जी मतदाताओं के नाम हो सकते हैं इसीलिए भारतीय जनता पार्टी पूरी तरह से मुस्तैद है और फर्जी मतदाताओं के नाम किसी भी कीमत पर रहने नहीं दिया जाएगा दूसरी तरफ इस बारे में जब हमने टीएमसी के प्रतिनिधि आकाश मुखर्जी से बात की तो उन्होंने कहा कि आज की बैठक में जो आंकड़े सामने आए हैं उससे बड़ी संख्या में लोगों के नाम मतदाता सूची में नहीं है लेकिन टीएमसी की मांग है कि इस पूरे मामले को मानवता के आधार पर देखना होगा और अगर हियरिंग में किसी को बुलाया जाता है तो उनको यह मौका देना होगा ताकि उनका नाम मतदाता सूची में बरकरार रहे उन्होंने कहा कि ऐसे कई गरीब लोग हैं जिनके पास है जरूरी दस्तावेज नहीं है लेकिन वह इस देश के नागरिक हैं और यहां के मतदाता है इसलिए इस पूरे मामले को मानवता के आधार पर देखना होगा। आकाश मुखर्जी ने कहा कि कल इलेक्शन कमीशन द्वारा एक घोषणा की गई थी कि जो हियरिंग होगी वह जिला शासक एसडीओ या वीडियो के स्तर पर होगी लेकिन टीएमसी की मांग है कि इसे स्थानीय स्तर पर किया जाए क्योंकि गरीब दिहाड़ी मजदूर परिवारों के लिए गाड़ी बुक करके एक दिन की मजदूरी छोड़कर इन कार्यालय में आना संभव नहीं है ऐसे में स्थानीय स्तर पर यह हियरिंग करना होगा वहीं उन्होंने बहु मंजिला इमारत में बुथ सेंटर बनाने का विरोध किया।












