सीके रेशमा बनाम नगर निगम अधिकारियों के मामले पर कांग्रेस ने किया संवाददाता सम्मेलन मामले को बताया टीएमसी की अंदरूनी गुटबाजी का नतीजा
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:कल आसनसोल नगर निगम के 23 नंबर वार्ड इलाके में एक कम्युनिटी सेंटर को लेकर आसनसोल नगर निगम के 23 नंबर वार्ड की टीएमसी पार्षद सीके रेशमा और नगर निगम के अधिकारियों के बीच बहस हुई थी अधिकारी वहां पर टेंडर के जरिए कम्युनिटी हॉल का संचालन पाने वाली कंपनी को हाल हस्तांतरित करने आए थे लेकिन पार्षद सी के रेशमा द्वारा बाधा दिए जाने की वजह से वह ऐसा नहीं कर पाये और बैरंग लौट गए। इसे लेकर कांग्रेस की तरफ से गिरजा मोड़ स्थित पार्टी कार्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन किया गया यहां पर कांग्रेस नेता शाह आलम प्रसनजीत पुईतुंडी तथा कांग्रेस पार्षद एस एम मुस्तफा ने संवाददाताओं को संबोधित किया इस मौके पर शाह आलम ने कहा कि कल 1:20 के आसपास वह अपनी बेटी को एजी चर्च स्कूल से लाने गए थे तब उनको सुनाई दिया कि शगुन मैरिज हॉल के अंदर से काफी चीखने चिल्लाने की आवाज आ रही थी कल मैरिज हॉल में शादी भी हो रही थी लेकिन ध्यान से सुनने पर उनको समझ में आया और जब उन्होंने देखा तो पाया कि 23 नंबर वार्ड की टीएमसी पार्षद सीके रेशमा के साथ नगर निगम के अधिकारियों की तीखी बहस हो रही है जब उन्होंने घटना के बारे में पता लगाया तो उन्हें पता चला कि आज नगर निगम के अधिकारी टेंडर के जरिए जिनको मैरिज हॉल के संचालन के जिम्मेदारी मिली है उस कंपनी को मैरिज हॉल हस्तांतरित करने के लिए आए हैं लेकिन टीएमसी पार्षद सीके रेशमा बाधा दे रही है। उन्होंने कहा कि सीके रेशमा द्वारा टेंडर की प्रक्रिया पर सवाल उठाएं जा रहे थे लेकिन यह बड़ी अजीब सी बात है कि जिस टेंडर की प्रक्रिया पर टीएमसी पार्षद सवाल उठा रही हैं वह खुद भी उस टेंडर का हिस्सा थी और उन्होंने 555000 की राशि डाली थी लेकिन जिन्होंने ₹800000 से ज्यादा की राशि डाली थी उस एमबी एंटरप्राइज को शगुन मैरिज हॉल के संचालन की जिम्मेदारी मिल गई शाह आलम ने कहा कि यह भी पता चला है कि सीके रेशमा जो स्वेच्छासेवी संस्था चलाती हैं उस संस्था को मां घागर बुड़ी मंदिर के पास नगर निगम के एक अन्य कम्युनिटी सेंटर के संचालन के जिम्मेदारी मिली है लेकिन यह भी जानकारी आ रही है कि उसके बाबद सीके रेशमा द्वारा अभी तक कोई रकम नगर निगम में जमा नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि सी के रेशमा सिर्फ इसलिए नगर निगम के अधिकारियों को रोक सकीं क्योंकि वह सत्ता पक्ष टीएमसी की पार्षद हैं उन्होंने कहा कि वह भाजपा से टीएमसी में आई थी सिर्फ पैसा कमाने के लिए और यही वजह है कि वह उस मैरिज हॉल का कब्जा छोड़ने नहीं चाह रही है क्योंकि वह उससे काफी पैसा बना रही थी उन्होंने इस पूरे मामले में टीएमसी की गुटबाजी को भी जिम्मेदार ठहराया उन्होंने कहा कि आज जो मेयर हैं वह आसनसोल विधानसभा क्षेत्र से नहीं है लेकिन आसनसोल विधानसभा क्षेत्र के कुछ नेता ऐसे हैं जो इस इलाके को अपनी जागीर समझते हैं और चाहते हैं कि पूरा का पूरा नियंत्रण उनके हाथों में रहे इसीलिए आसनसोल से बाहर के किसी विधानसभा या ब्लॉक से आए टीएमसी के ही नेता को काम करने नहीं दिया जा रहा है और यह भी इस पूरे घटना की एक वजह हो सकती है। वही प्रसनजीत पुईतुंडी ने भी इस पूरे मामले पर टीएमसी को कटघरे में खड़ा किया उन्होंने कहा कि फरवरी महीने में ही कांग्रेस द्वारा आसनसोल नगर निगम क्षेत्र में जितने भी मैरिज हॉल या कम्युनिटी सेंटर हैं उनको लेकर आरटीआई किया गया था उस आरटीआई के जवाब में आसनसोल नगर निगम द्वारा जो जवाब दिया गया था उसे देखकर किसी को भी हंसी आएगी कांग्रेस ने यह सवाल किया था कि जो मैरिज हाल है उनसे नगर निगम को सालाना कितनी आय होती है इसका कोई सीधा जवाब नगर निगम द्वारा नहीं दिया गया था और कल जो घटना हुई उस घटना से यह साफ हो गया कि कांग्रेस ने फरवरी महीने में ही जो कहा था वह सच था एक-एक कम्युनिटी सेंटर एक-एक टीएमसी नेता के लिए आय का जरिया बन चुका है और यही वजह है की सीके रेशमा इसे छोड़ना नहीं चाह रही है उन्होंने भी इस पूरे मामले को टीएमसी की गुटबाजी करार दिया उन्होंने कहा कि एक तरफ साधारण लोगों को नगर निगम के कम्युनिटी सेंटर पाने के लिए हजारों रुपए देने पड़ रहे हैं और टीएमसी के कार्यक्रम इन कमेटी सेंटर में आए दिन होते रहते हैं वह भी पूरी तरह से निशुल्क उन्होंने कहा कि यह कम्युनिटी सेंटर टीएमसी नेताओं के बपौती नहीं है और इस तरह से आम जनता के पैसे के बंदरबाट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जो सीके रेशमा बड़ी-बड़ी बातें कर रही है उनको घागर बुड़ी मंदिर परिसर के पास नगर निगम के एक अन्य कम्युनिटी सेंटर के संचालन के जिम्मेदारी मिली है लेकिन आज तक एक पैसा कॉर्पोरेशन में जमा नहीं हुआ है उन्होंने कहा कि यही वजह है कि टीएमसी के नेता चुनाव में धांधली करके जीत हासिल करना चाहते हैं ताकि पद मिलने के बाद वह जनता के पैसे की लूट मार कर सके वहीं कांग्रेस पार्षद एस एम मुस्तफा ने भी कहा कि टेंडर के माध्यम से जिस कंपनी को कम्युनिटी सेंटर के संचालन की जिम्मेदारी मिली है उसे हस्तांतरित करना चाहिए और इसमें अगर कोई अड़चन डाल रहा है तो नगर निगम को उचित कार्रवाई करनी चाहिए












