कारखानों में अवैध निर्माण को लेकर कोलकाता हाई कोर्ट की टिप्पणी पर मेयर ने कहा कोर्ट के आदेश की नहीं है उन्हें जानकारी
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:आसनसोल नगर निगम की तरफ से पिछले लगभग 1 साल से जमुरिया और रानीगंज के औद्योगिक क्षेत्र में जो कारखाने हैं उन पर अवैध निर्माण के आरोप लगते रहे हैं आसनसोल नगर निगम द्वारा इन कारखानों के खिलाफ जुर्माना भी लगाया गया था लेकिन एक साल हो गए न तो जुर्माना अदा किया गया नहीं अवैध निर्माण को तोड़ा गया कुछ दिनों पहले जमुरिया के औद्योगिक क्षेत्र में एक निजी इस्पात कारखाने के खिलाफ नगर निगम द्वारा बुलडोजर लेकर अवैध निर्माण तोड़ने का अभियान चलाया गया था उस कारखाने के मालिक के द्वारा अदालत में मामला दर्ज किया गया उसके बाद उस मामले के परिपेक्ष में आज कोलकाता हाई कोर्ट के सिंगल बेंच के जज गौरांग कांत ने आसनसोल नगर निगम के खिलाफ कड़ी टिप्पणी की और नगर निगम के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया। आसनसोल नगर निगम द्वारा जमुरिया और रानीगंज के औद्योगिक क्षेत्र में कारखानों के खिलाफ अवैध निर्माण का आरोप लगाते हुए उन पर 500 करोड रुपए से ज्यादा का जुर्माना लगाया गया था लेकिन आज हाई कोर्ट के जज ने यह सवाल पूछा कि अगर निर्माण सही में अवैध है तो क्या जुर्माना अदा कर लेने भर से अवैध निर्माण वैध हो जाएगा विपक्ष द्वारा आसनसोल नगर निगम की तरफ से जुर्माने की अदायगी में जो देरी की जा रही थी उस पर कड़ा प्रहार किया गया था। हालांकि इस पर आसनसोल नगर निगम के कानूनी सलाहकार का कहना था कि जिन कारखानों पर अवैध निर्माण के आरोप पर लगे हैं वहां पर हजारों की तादाद में श्रमिक काम करते हैं अब अगर कारखाने के मालिकों को समय दिए बगैर निर्माण को तोड़ दिया जाए तो उन श्रमिकों की रोजी-रोटी पर बुरा असर पड़ सकता है। वहीं इस बारे में आज जब हमने मेयर विधान उपाध्याय से बात की तो उन्होंने कहा कि उनके पास हाई कोर्ट के किसी ऑर्डर की कॉपी नहीं आई है इसलिए वह हाई कोर्ट के किसी ऑर्डर के बारे में कोई जवाब नहीं देंगे उन्होंने कहा कि 1 साल पहले ही जमुरिया और रानीगंज के जिन कारखानों के खिलाफ अवैध निर्माण के आरोप लगे थे आसनसोल नगर निगम और इन कारखानों के अधिकारियों की मौजूदगी में वहां पर नपाई की गई थी और यह पाया गया था कि अवैध निर्माण हुआ है तब उन्होंने समय मांगा था आसनसोल नगर निगम की तरफ से उन्हें समय दिया गया लेकिन तय समय के बाद भी जब कारखाना प्रबंधन द्वारा जुर्माना अदा नहीं किया गया तब आसनसोल नगर निगम ने अवैध निर्माण को तोड़ने की प्रक्रिया शुरू की लेकिन तब भी कारखाने की तरफ से समय मांगा गया और कहा गया कि वह बातचीत के जरिए मामले को सुलझा लेंगे लेकिन अभी तक कारखाना प्रबंधन की तरफ से ऐसी कोई पहल नहीं की गई है वहीं हाई कोर्ट के इस टिप्पणी के आसनसोल नगर निगम पैसे लेकर अवैध निर्माण को वैध बना रहा है इस पर विधान उपाध्याय ने कहा कि ऐसा बिल्कुल नहीं है आसनसोल नगर निगम कभी कोई अवैध काम नहीं करता उन्होंने कहा कि जिस कारखाना प्रबंधन की बात कही जा रही है कि उन्होंने आसनसोल नगर निगम के खिलाफ अदालत में मामला दर्ज किया है उनके प्रतिनिधि कुछ देर पहले आसनसोल नगर निगम आए थे अगर वह आसनसोल नगर निगम के साथ एक तरफ बातचीत कर रहे हैं और दूसरी तरफ अदालत में मामला दर्ज कर रहे हैं तो यह गलत है वही एक साल होने के बावजूद अभी तक अवैध निर्माण नहीं तोड़े जाने के सवाल पर विधान उपाध्याय ने कहा कि अगर आसनसोल नगर निगम द्वारा अवैध निर्माण तोड़ दिए जाते उस पर भी यह कहा जाता कि नगर निगम ने उन कारखानों में काम करने वाले श्रमिकों के बारे में नहीं सोचा ठीक उसी तरह जैसे फुटपाथ के किनारे हाकरों को हटाने की बात पर समाज का एक वर्ग उन छोटे दुकानदारों के समर्थन में बात करता है विधान उपाध्याय ने कहा कि अगर नगर निगम क्षेत्र और समाज का सर्वांगीण विकास करना है तो सबको एक साथ सहयोग करना होगा वही इस बारे में जब हमने भारतीय जनता पार्टी नेता और आसनसोल नगर निगम के पूर्व मेयर जितेंद्र तिवारी से बात की तो उन्होंने कहा कि यह आसनसोल नगर निगम और उन कारखाना प्रबंधन के बीच मिले भगत है आसनसोल नगर निगम कोई अवैध निर्माण नहीं तोड़ेगा और इन कारखाना मालिकों को भी पता है कि ना तो उन्हें जुर्माना देना होगा नहीं उनका अवैध निर्माण टूटेगा उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस किया गया था तब कहीं जाकर यह मामला लोगों के सामने आया वरना आसनसोल नगर निगम इसे दबाने की पूरी कोशिश कर रहा था जितेंद्र तिवारी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ऐसा बिल्कुल नहीं होने देगी और जनता से जुड़े हर मुद्दे को सही अंजाम तक पहुंचाने के लिए भारतीय जनता पार्टी आखिर तक संघर्ष करेगी। वहीं जिस मान कारखाने के बारे में कहा जा रहा है कि उन्होंने आसनसोल नगर निगम के खिलाफ हाई कोर्ट में मामला दर्ज किया था उनके एक वरिष्ठ अधिकारी आशुतोष चौधरी से जब हमने बात की तो उन्होंने कहा कि यह पूरा मामला किसी गलतफहमी की वजह से हुआ है उन्होंने कहा कि आसनसोल नगर निगम के साथ उनके प्रबंधन के काफी अच्छे रिश्ते हैं और आपसी सहयोग से वह हर काम को करते हैं और अगर कहीं पर कोई गलतफहमी हुई है तो उसे भी सुलझा लिया जाएगा












