ईसको में कांट्रेक्चुअल लेबर में भूमि पुत्रों को देनी होगी प्राथमिकता – अशोक रूद्र
1 min readआसनसोल
:हाल ही में टीएमसी के पार्षद अशोक रुद्रा ईसको में ठेका श्रमिकों की बहाली में सिर्फ स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देने के मुद्दे को लेकर विवादों में आ गए थे एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था जिसकी पुष्टि आसनसोल टाईम्स ने नहीं की जिसमें यह दिखाया जा रहा था के अशोक रूद्र अपने एक सहकर्मी पार्षद गुरमीत सिंह के साथ है ईसको के सेफ्टी डिपार्टमेंट की बैठक में घुसे और उन्होंने वहां पर अन्य राज्यों से आए ईसको के ठेका कर्मचारियों से सख्त लहजे में बात की इस बारे में अशोक रूद्र ने कहा भी था कि वह चाहते हैं कि ईसको में ठेका श्रमिकों की नियुक्ति में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता मिले हालांकि इसे लेकर टीएमसी के अंदर ही मतभेद देखे गए और श्रमिक नेता राजू अहलूवालिया ने इसका विरोध किया था और अशोक रूद्र को पार्टी से निकालने की मांग की थी आज अशोक रुद्रा आसनसोल नगर निगम आए थे इस मौके पर हमने जब उनसे बात की तो उन्होंने एक बार फिर अपनी बात को दोहराया और कहा कि वह आज भी अपनी उस मांग पर कायम है उन्होंने कहा कि वह कभी नहीं चाहते कि जिनकी नियुक्ति हो चुकी है उनको हटाया जाए लेकिन ईसको की बाउंड्री से 15 किलोमीटर के दायरे में जो स्थानीय युवा रहते हैं उनको ठेका श्रमिक के तौर पर नियुक्ति में प्राथमिकता देनी होगी उन्होंने कहा कि इसमें कोई भाषा की दीवार नहीं है यह नियुक्ति बांग्ला भाषा बोलने वाले को मिल सकती है हिंदी भाषा बोलने वाले को मिल सकती है उर्दू भाषा बोलने वाले को भी मिल सकती है लेकिन स्थानीय होना चाहिए उन्होंने कभी किसी के रोजगार को खत्म करने की बात नहीं की वही राजू अहलूवालिया द्वारा उनका विरोध किए जाने पर पूछे गए सवाल के जवाब में अशोक रूद्र ने कहा कि उनको एक स्क्रिप्ट दे दी गई है और वह उस स्क्रिप्ट के तौर पर अपनी भूमिका अदा कर रहे हैं। कभी वह उनके खिलाफ बोलते हैं तो कभी मेयर के खिलाफ तो कभी किसी और के खिलाफ उनको इसी काम के लिए रखा गया है अशोक रूद्र ने नाम लिए बगैर कहा की जिन लोगों ने राजू अहलूवालिया को वह स्क्रिप्ट दिया है क्या वह नहीं चाहते कि ईसको में नियुक्ति में स्थानीय युवाओं को चाहे वह किसी भी भाषा में बात क्यों ना करते हो प्राथमिकता मिले। अशोक रूद्र ने साफ कहा कि वह ऐसा कभी नहीं चाहते कि जिनको पहले से रोजगार मिल चुका है उनका रोजगार छिन जाए क्योंकि वह खुद हिंदी भाषी लोगों के बीच पले बड़े हैं उनके पूर्वज भागलपुर में रहते थे इसलिए भाषा के नाम पर भेदभाव करने की बात वह सोच भी नहीं सकते लेकिन वह आज भी अपनी मांग पर कायम है कि जो स्थानीय युवा है कम से कम ठेका श्रमिक के तौर पर उन्हें नियुक्ति में प्राथमिकता देनी होगी उन्होंने एक और मुद्दा उठाया और वह था सेल में श्रमिकों के बीच वेतन में असमानता का मुद्दा उन्होंने कहा कि ईसको सेल के अधीन आता है वही दुर्गापुर स्टील प्लांट भी सेल के अंतर्गत आता है लेकिन दोनों ही जगह पर ठेका श्रमिकों के वेतन में जमीन आसमान का फर्क है उन्होंने श्रमिक संगठनों से सवाल किया कि आखिर उन्होंने इतने दिनों तक यह मुद्दा क्यों नहीं उठाया। उन्होंने राजू अहलूवालिया पर कटाक्ष करते हुए कहा कि आज जिन लोगों के स्वार्थ पर आघात लग रहा है उन लोगों ने राजू अहलूवालिया को खड़ा कर दिया है आने वाले समय में इस तरह के और भी लोग खड़े होंगे लेकिन वह अपने मकसद से पीछे नहीं हटेंगे क्योंकि उन्हें इस मुद्दे पर पूरे शिल्पांचल के युवाओं का साथ मिला है उन्होंने साफ कहा कि ईसको में ठेका श्रमिकों की नियुक्ति में भूमि पुत्रों को प्राथमिकता देनी होगी चाहे वह कोई भी भाषा क्यों ना बोलते हों












