सभी कॉलेजों में यूनियन ऑफिस बंद रखने के हाई कोर्ट के फैसले के बाद बीबी कॉलेज में भी यूनियन ऑफिस में ताला
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:कोलकाता हाई कोर्ट में एक आदेश जारी किया जिसमें उन्होंने पश्चिम बंगाल सरकार के उच्च शिक्षा विभाग को यह हिदायत दी है कि कॉलेज और विश्वविद्यालय में जो यूनियन कार्यालय होते हैं उन सभी छात्र यूनियन कार्यालयों को फिलहाल बंद करके रखना होगा क्योंकि पिछले लगभग 8 वर्षों से किसी भी कॉलेज या विश्वविद्यालय में छात्र संसद चुनाव नहीं हुए हैं। इसे लेकर आज हमने आसनसोल के बनवारी लाल भालोठिया कॉलेज का जायजा लिया और यह जानने की कोशिश की की हाई कोर्ट के इस आदेश का क्या प्रभाव कॉलेज के यूनियन कार्यालय पर पड़ा है इस बारे में जब हमने कॉलेज के प्रिंसिपल डॉक्टर अमिताभ बसु से बात की तो उन्होंने कहा कि कॉलेज में यूनियन ऑफिस वैसे ही पिछले लंबे समय से बंद पड़ा है क्योंकि वहां पर मरम्मत का कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि कॉलेज में यूनियन रूम एनसीसी रूम दोनों बंद है क्योंकि वहां पर काम चल रहा है इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कॉलेज में जो आखिरी बार छात्र यूनियन चुनाव हुआ था उसमें जिन्हें जीत हासिल हुई थी उस यूनियन का कार्यकाल 1 साल रहा 1 साल बाद उस यूनियन के सभी पदों को बर्खास्त कर दिया गया और कॉलेज की तरफ से बनाई गई कमिटि में उन छात्रों को रखा गया है जो नियमित रूप से क्लास में आते हैं शैक्षणिक प्रदर्शन अच्छा है अनुशासन के मामले में भी वह प्रथम पंक्ति में आते हैं ऐसे विद्यार्थियों को लेकर एक कमेटी बनाई गई है जिसके जरिए कॉलेज की तरफ से ही सभी गतिविधियों को संपन्न किया जाता है उन्होंने कहा कि अभी तक कोर्ट के आदेश की कोई कॉपी कॉलेज को नहीं प्राप्त हुई है वहीं इस बारे में जब हमने कॉलेज की एक छात्रा से बात की तो उन्होंने कहा कि यूनियन ऑफिस बंद होने से विद्यार्थियों को काफी परेशानी होगी क्योंकि कोई भी विद्यार्थी अपने किसी भी समस्या के लिए यूनियन ऑफिस में जाकर यूनियन के पदाधिकारी से मिलता था तो उनकी परेशानी दूर होती थी लेकिन अब ऐसा संभव नहीं होगा इस बारे में जब हमने कॉलेज के टीएमसीपी यूनियन के नेता साहब तिवारी से बात की कोर्ट के आदेश के ऊपर कोई नहीं है चाहे वह शिक्षक हो या विद्यार्थी सभी को कोर्ट का आदेश मानना पड़ेगा हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यूनियन ऑफिस के बंद होने से विद्यार्थियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है उन्होंने कहा कि टीएमसीपी विद्यार्थियों के साथ हमेशा खड़ा रहा है और भविष्य में भी खड़ा रहेगा इसलिए यूनियन कार्यालय है या नहीं है इससे फर्क नहीं पड़ता क्योंकि टीएमसीपी छात्र यूनियन विद्यार्थियों के मन में बसता है












