बंगाल के पाथर प्रतिमा विस्फोट कांड पर विधायक अग्निमित्रा पाल ने जताया विरोध बनासकांठा विस्फोट पर नहीं सूझा जवाब
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आसनसोल :बात बात पर दूसरे राजनीतिक दलों पर गंभीर आरोप लगाने वाले राज नेताओं की बोलती तब बंद हो जाती है जब बात उनकी अपनी पार्टी पर आती है ऐसा ही कुछ आज आसनसोल दक्षिण की विधायक अग्निमित्रा पाल के साथ हुआ। बंगाल में पटाखा कारखाने में हुए विस्फोट की घटनाओं पर भाजपा विधायक द्वारा पिछले कुछ समय से लगातार गंभीर आरोप लगाए जाते रहे हैं उन्होंने इस पूरे प्रकरण में स्थानीय पुलिस प्रशासन से लेकर सत्ता पक्ष के नेता मंत्री तक को कटघरे में खड़ा किया है लेकिन दो दिन पहले गुजरात के बनासकांठा में पटाखा फैक्ट्री में हुए पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट के मुद्दे पर जब आज आसनसोल के इस्माइल इलाके में पार्टी के कार्य से पहुंची अग्निमित्रा पाल से पत्रकारों ने सवाल पूछा तो उनकी जुबान पर जैसे ताले लग गए जिस घटना में 18 लोगों की मौत हो गई उस घटना के बारे में विधायक का कहना था कि उन्हें घटना के बारे में नहीं पता उन्होंने उसी दिन बंगाल के पाथर प्रतिमा मैं एक और पटाखा कारखाने में हुए विस्फोट और आठ लोगों की मौत पर एक बार फिर पुलिस प्रशासन को कटघरे में खड़ा किया उन्होंने कहा कि आज बंगाल में सिर्फ तीन ही उद्योग फल फूल रहे हैं एक बम और गोली का उद्योग दूसरा लॉटरी का उद्योग और तीसरा शराब का उद्योग उन्होंने कहा कि इसके अलावा बंगाल में और कोई उद्योग नहीं है हालांकि जब विधायक से एक बार फिर गुजरात के बनासकांठा के पटाखा कारखाने में हुए विस्फोट के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने बहुत ही सुविधाजनक तरीके से कह दिया कि उन्हें घटना के बारे में नहीं पता यह बड़े आश्चर्य की बात है कि जिस घटना को लेकर राजनेता एनआईए जांच की बात कर रहे हैं उस घटना के बारे में अग्निमित्रा पाल को पता ही नहीं है। यह निश्चित रूप से कहा जा सकता है कि अगर बंगाल में कहीं कोई अवैध काम होता है तो जरूर उस पर सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए लेकिन वैसी ही कोई घटना अगर भाजपा शासित किसी प्रदेश में होती है तो उस पर भाजपा नेताओं की बोलती क्यों बंद हो जाती है यह भी एक बड़ा सवाल है












