आधुनिक युग के भगीरथ कृष्णा प्रसाद ने युगों युगों तक याद रखे जाने वाले कार्य को सफलतापूर्वक किया संपन्न
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आसनसोल :हमारे आसपास ऐसे बहुत से महापुरुष होते हैं जो अपने कार्यों से हमारे जीवन को सकारात्मक रूप से प्रभावित करते हैं लेकिन बिरले होते हैं वह इंसान जो अपने हर एक कार्य से पूरे समाज में एक नई ऊर्जा का संचार करते हैं आसनसोल के प्रख्यात समाजसेवी कृष्णा प्रसाद वैसे ही एक इंसान है जिनके हर कार्य से समाज में उस सार्थक ऊर्जा का संचार होता है जिसकी आज की दुनिया में बेहद आवश्यकता है कृष्णा प्रसाद का नाम आते ही शिल्पांचल में छठ पूजा की याद आती है जी हां पिछले लगभग 45 वर्षों से कृष्णा प्रसाद के नेतृत्व में और उनके तत्वावधान में कल्ला प्रभु छठ घाट पर जिस तरह से छठ पूजा का आयोजन होता रहा है उसकी मिसाल सिर्फ बंगाल नहीं पूरे देश में दी जाती है कृष्णा प्रसाद द्वारा हर बार कुछ ऐसा किया गया है जिसे एक शब्द में कहा जाए तो वह ऐतिहासिक है हमें पता है कि इस बार प्रयागराज में जो महाकुंभ हो रहा है वह भी ऐतिहासिक है और अलौकिक है 144 साल बाद इस महाकुंभ का आयोजन हो रहा है भाग्यवान हैं वह लोग जो इस महाकुंभ में संगम में पुण्य डुबकी लगाकर आ रहे हैं कृष्णा प्रसाद ने यह बीड़ा उठाया कि वह पश्चिम वर्तमान जिले के श्रद्धालुओं को पुण्य स्नान के लिए ले जाएंगे और 22 फरवरी को मां घागर बुड़ी मंदिर से तकरीबन 2000 श्रद्धालुयों को लेकर एक विशाल काफिला प्रयागराज के लिए रवाना हुआ यह अपने आप में एक बहुत बड़ी चुनौती थी जो कृष्णा प्रसाद ने स्वीकार की 2000 लोगों को प्रयागराज ले जाना पुण्य स्नान करवाना और उन सभी को सकुशल वापस ले आना अपने आप में एक बहुत बड़ी चुनौती थी लेकिन कृष्णा प्रसाद ने कभी मुश्किलों से हार मानना नहीं सीखा और उन्होंने हर चुनौती पर जीत हासिल करने की कोशिश की है और ईश्वर की उन पर असीम अनुकंपा है कि उन्होंने हर बार मुश्किलों पर जीत हासिल की भी है।
इस बार भी वही हुआ और मां गंगा और देवाधिदेव महादेव की कृपा से 22 फरवरी को मां घागर बुड़ी मंदिर से 40 चार पहिया वाहन और 27 बसों में सवार होकर तकरीबन 2000 श्रद्धालु प्रयागराज के लिए रवाना हुए। रास्ते भर भजन कीर्तन के साथ श्रद्धालु प्रयागराज के लिए आगे बढ़ते रहे उनके लिए बस में ही भोजन आदि की व्यवस्था की गई थी और चिकित्सा और सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे ताकि किसी भी श्रद्धालु को किसी प्रकार की कोई परेशानी का सामना न करना पड़े प्रयागराज में भी कृष्णा प्रसाद ने पहले से ही ऐसी व्यवस्था कर के रखी थी कि यहां से गए श्रद्धालुओं को पुण्य स्नान करने में कोई असुविधा नहीं हुई वहां पर पुण्य स्नान करके महापुरुषों ऋषि मुनियों से आशीर्वाद लेकर पश्चिम बर्दवान जिले के यह 2000 पुण्यार्थी वापस पश्चिम बर्दवान जिले में अपने-अपने स्थान पर लौट गए हमने जब इन श्रद्धालुओं से बात की तो उन्होंने कहा कि यह उनके जीवन का वह अनुभव था जिसे वह जीवन भर याद रखेंगे उन्होंने कहा कि कृष्णा प्रसाद के तत्वावधान में पुण्य स्नान के लिए जो व्यवस्था की गई थी उसकी जितनी प्रशंसा की जाए कम है श्रद्धालुओं ने बताया कि रास्ते में उन्हें कहीं कोई परेशानी नहीं हुई और प्रयागराज में जहां इतनी ज्यादा भीड़ थी वहां पर भी कृष्णा प्रसाद द्वारा जो व्यवस्था की गई थी इस वजह से उन्हें वहां भी पुण्य स्नान करने में कोई परेशानी नहीं हुई सभी ने कृष्णा प्रसाद को आशीर्वाद दिया और उनके भविष्य जीवन में हर कार्य में सफलता के लिए ईश्वर से प्रार्थना की कहा जा सकता है कि कृष्णा प्रसाद ने महाकुंभ को लेकर जी असंभव से दिखने वाले कार्य को संभव कर दिखाया उसकी मिसाल आने वाली पीढ़ियां युगों युगों तक देती रहेंगी












