बकाया राशि की वजह से होने वाली समस्या को लेकर पीएचई विभाग के ठेकेदारों ने की प्रेस मीट कहा करीब 500 करोड रुपए हैं बकाया:
1 min read
आसनसोल :आज आसनसोल के इस्माइल इलाके में पीएचई वेलफेयर कांट्रैक्टर्स एसोसिएशन की तरफ से एक प्रेस मीट का आयोजन किया गया इसमें पीएचई विभाग के साथ जो ठेकेदार जुड़कर जलापूर्ति का काम करते हैं ऐसे ठेकेदारों ने संवाददाताओं को संबोधित किया इनका कहना है कि पिछले साल अगस्त महीने से इनको इनका बकाया भुगतान नहीं मिला है उन्होंने कहा कि यह राशि इस जिले में 500 करोड रुपए के आसपास है जो अभी भी बकाया है इस वजह से यह अपने कर्मचारियों को वेतन नहीं दे पा रहे हैं ऐसे में अगर भविष्य में कर्मचारी हड़ताल पर चले गए तो इस क्षेत्र में पानी की आपूर्ति पर भारी असर पड़ेगा उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन परियोजना के तहत केंद्र सरकार के इस परियोजना में राज्य सरकार की भी हिस्सेदारी रहती है लेकिन न केंद्र सरकार न राज्य सरकार कहीं से भी ठेकेदारों को पैसा नहीं मिल रहा है इस वजह से यह न केवल अपने कर्मचारियों को वेतन नहीं दे पा रहे हैं बल्कि जो नए कार्य हैं वह भी नहीं कर पा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि वह पानी की आपूर्ति बंद नहीं करना चाहते पानी एक बहुत महत्वपूर्ण चीज है वह इसे बंद नहीं करना चाहते लेकिन अगर ठेकेदारों को पैसा नहीं मिलेगा तो वह किस तरह से अपने कार्य कर पाएंगे यह भी सोचने वाली बात है इनका कहना है कि जल जीवन मिशन परियोजना केंद्र सरकार की परियोजना है राज्य सरकार का इसमें शेयर रहता है। ऐसे में वह किसी राजनीतिक बयानबाजी में नहीं जाना चाहते ठेकेदारों को सिर्फ अपने पैसे मिल जाए इतना ही वह चाहते हैं उन्होंने कहा कि तकरीबन 200 ऐसे ठेकेदार हैं जिनका पैसा बाकी है वहीं लाइन बिछाने के लिए इन ठेकेदारों द्वारा रास्तों की खुदाई की गई थी उन ठेकेदारों ने रास्तों की मरम्मत भी की थी इन्होंने बताया की मरम्मत के लिए जो पैसा ठेकेदारों को देने की बात थी वह भी नहीं मिला ऐसे में ठेकेदारों को काम करते रहना बहुत मुश्किल हो रहा है वही इस बारे में जब हमने पीएचई विभाग के अस्सिटेंट इंजीनियर संदीप कुमार कुंडू से बात की तो उन्होंने कहा कि यह सच्चाई है कि ठेकेदारों का पैसा बाकी है और इस वजह से ठेका कर्मचारियों को भी वेतन नहीं मिल रहा है उन्होंने कहा कि किस वजह से पैसा नहीं आ रहा है वह यह नहीं बता पाएंगे क्योंकि वह इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के कर्मचारी हैं यह वित्त विभाग का मसला है लेकिन यह सच्चाई है कि पैसे की कमी है जिस वजह से यह समस्या उत्पन्न हुई है उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन परियोजना केंद्र सरकार की परियोजना है और इसमें राज्य सरकार की भी हिस्सेदारी रहती है ऐसे में किस वजह से पैसा नहीं आ रहा है इसके बारे में वह स्पष्ट तरीके से कुछ भी नहीं कह सकते लेकिन उन्होंने इस बात की आशंका जरूर जाता है कि अगर बकाया राशि की वजह से ठेका कर्मचारियों ने हड़ताल का रास्ता अपनाया तो जलापूर्ति पर प्रतिकूल असर जरूर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि उनके जिले में जल जीवन मिशन परियोजना के तहत 68% काम पूरा हो चुका है बाकी का काम पूरा होने पर चार ब्लॉक में पानी की आपूर्ति सही ढंग से हो जाएगी लेकिन फिलहाल पैसों के अभाव में समस्या उत्पन्न हुई है और इसके बारे में उच्च अधिकारियों को अवगत भी कर दिया गया है












