आसनसोल की महिला उद्यमी और समाजसेवी नमिता केडिया ने अपने जन्मदिन पर महिलाओं को दिया संदेश,कहा महिला चाहे तो कर सकती हैं सबकुछ हासिल:
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आसनसोल :नई सदी में शायद ही जिंदगी का ऐसा कोई क्षेत्र है जिसमें महिलाओं ने अपनी प्रतिभा का लोहा नहीं मनवाया है। आसनसोल की बात करें तो ऐसी ही एक प्रतिभाशाली और उद्यमी महिला का नाम है नमिता केडिया। नमिता केडिया आसनसोल के प्रख्यात केडिया खानदान की बहू है वह आसनसोल के प्रख्यात व्यवसायी विशाल केडिया की पत्नी हैं । हालांकि नमिता केडिया की इसके अलग भी एक अपनी पहचान है वह खुद भी एक सफल महिला उद्यमी है और इसके साथ ही समाज सेवा से भी जुड़ी हुई है उन्होंने लंबे समय से एक व्यवसाय को सफलता के साथ संचालित किया है और इसके साथ ही समाज को एक बेहतर स्थान बनाने के लिए भी वह प्रयासरत रहती हैं.

उन्होंने विशेष कर महिलाओं के विकास के लिए काफी प्रयास किया है और उनका कहना है कि भविष्य में भी वह इस तरह के प्रयास जारी रखना चाहते हैं आज नमिता केडिया का जन्मदिन है इस मौके पर जब हमने उनसे बात की तो उन्होंने कहा कि यह उनकी खुशनसीबी है कि ईश्वर ने उनको यह मौका दिया है कि वह समाज के लिए कुछ कर सके उन्होंने कहा कि इस देश इस राज्य और इस समाज ने उनको बहुत कुछ दिया है और अब वह चाहतीं हैं कि वह अपनी तरफ से देश राज्य और समाज की सेवा कर सके उन्होंने कहा कि इस प्रयास में उनके पति और उनका पूरा परिवार हमेशा उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहता है इसीलिए वह गृहणी के तौर पर अपने घर की सारी जिम्मेदारियों को निभाने के बाद भी अपना व्यवसाय संचालित कर पाती हैं और समाज के लिए भी योगदान रखने में समर्थ होती हैं।

उन्होंने इसके लिए अपने पति विशाल केडिया और अपने पूरे परिवार को धन्यवाद दिया जिनके सहयोग से वह यह सब कुछ हासिल कर पाती हैं। उन्होंने कहा कि एक महिला होने के नाते वह यह मानती हैं कि सिर्फ घर तक सीमित रहना ही महिलाओं की नियति नहीं होनी चाहिए ईश्वर ने हर एक इंसान में कोई ना कोई प्रतिभा जरूर दी है चाहे वह पुरुष हो या महिला ऐसे में अगर महिलाओं की प्रतिभा का सही इस्तेमाल नहीं किया गया तो यह आखिरकार समाज और राष्ट्र का ही नुकसान होगा इसीलिए यह बहुत जरूरी है कि महिलाओं के अंदर की प्रतिभा को भी उजागर किया जा सके और इसके लिए वह महिला सशक्तिकरण की दिशा में काम करतीं हैं और चाहती है की आजीवन वह काम करतीं रहे उन्होंने कहा कि एक महिला अगर चाहे तो अपने घरेलू जिम्मेदारियों को अच्छी तरह से निभा कर भी आर्थिक रूप से स्वावलंबी होने के साथ-साथ समाज के भी काम आ सकती हैं उन्होंने कहा कि वह चाहती हैं कि उनके दोनों बेटे अग्रेश और देवांश केडिया भी अपने पारिवारिक आदर्शों और मूल्यों को आगे बढ़ाते हुए समाज और राष्ट्र के विकास में अपना योगदान रखें












