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April 18, 2026

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पश्चिम बर्धमान जिला कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग की तरफ से उर्दू को दूसरी भाषा का दर्जा देने की मांग पर जिला शासक दफ्तर को ज्ञापन:

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आसनसोल :आज पश्चिम बर्धमान जिला कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग की तरफ से अल्पसंख्यकों से जुड़े तीन मुद्दों को लेकर डीएम कार्यालय में ज्ञापन सौंपा गया। पश्चिम बर्धमान जिला शासक के नहीं रहने के कारण एडीएम को ज्ञापन सौंपा गया। पश्चिम बर्धमान जिला चेयरमैन एमडी, शाकिर ने कहा के 2011 में जब टीएमसी पश्चिम बंगाल में सरकार में आई तो पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने वादा किया था कि जिस जिला में 10% उर्दू बोलने वाले लोग होंगे वहां पर उर्दू को दूसरी सरकार जबान का दरजा देंगे ख़ासकर 4 जिला, आसनसोल, कोलकाता, गार्डन रीच और इस्लामपुर जिले को लेकर ये घोषना की गई और आज 13 साल गुज़रने के बाद भी उर्दू को दूसरी सरकारी जबान का दर्जा नहीं दिया गया, यहां तक ​​डब्ल्यूबीसीएस के लिए जो उर्दू और हिंदी छात्र तयारी करते थे उनका दरवाजा भी 300 नंबर बांग्ला को अनिवार्य करके बंद कर दिया गया, हम बंगाल में रहते हैं बांग्ला भाषा ज़रूरी है लेकिन अगर उर्दू और हिंदी को भी विकल्प में रखा जाता है तो उर्दू और हिंदी छात्रों के लिए बेहतर होता है, लेकिन ये तुगलकी फरमान जारी करने से उर्दू और हिंदी भाषी छात्रों में मायुषी छा गई। उसी तरह पश्चिम बंगाल उर्दू अकादमी भी पुरी तरह से टीएमसी पार्टी का अड्डा बन कर रह गया। उर्दू अकादमी में अल्पसंख्यक समाज के अदीब, शायर, सामाजिक कार्यकर्ता, नाटक निगार को होना चाहिए – लेकिन असल में देखा जा रहा है कि इन बुद्धिजीवियों को छोड़ कर टीएमसी के लोग जुड़े हैं। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि उर्दू अकादमी का नाम बदलकर पश्चिम बंगाल तृणमूल पार्टी अकादमी रख देना चाहिए, ये बड़े अफ़सोस का विषय है, अभी हाल ही में पश्चिम बंगाल उर्दू अकादमी की तरफ से ड्रामा फेस्टिवल किया गया लेकिन अफ़सोस रानीगंज और कुल्टी की ड्रामा टीम को बाहर रख हिंदी ड्रामा को तर्जीह दी गई। यहाँ भी उर्दू वालों के साथ सरासर धोखा किया जा रहा है, उम्मीद करते हैं आनेवाले दिनों में हमारी मांग है कि पश्चिम बंगाल सरकार जरूर पूरी करेगी, और अगर ऐसा नहीं हुआ तो हम अपने आंदोलन को जारी रखेंगे। इस मौके पर मोहम्मद शाकिर एज़ाज़ अहमद और सबीरुद्दीन खान शाह आलम खान वाजिद हुसैन, अशरफ खान, मोहम्मद, सलाहुद्दीन, मोहम्मद, शाहिद, (बबलू) मोहम्मद, सलीम, सोमनाथ चटर्जी, मोहम्मद मुमताज, महजबीन खातून, शाहनाज खातून, गुड्डु बर्मन, राहुल रंजन और कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे

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