राज्य विधानसभा में पास किए गए अपराजिता बिल को कानून बनाने की मांग पर महिला टीएमसी द्वारा शहर में निकाली गई रैली:
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आसनसोल :तृणमूल महिला कांग्रेस की तरफ से आज राहा लेन स्थित टीएमसी पार्टी कार्यालय से एक जुलूस निकाला गया यह जुलूस हटन रोड मोड़ तक गया। यहां पर एक सभा का आयोजन किया गया यहां आसनसोल एक उत्तर विधानसभा टीएमसी अध्यक्ष और आसनसोल नगर निगम के एमएमआईसी गुरदास चटर्जी उपाध्यक्ष भानु बोस टीएमसी महिला नेत्री संपा दां विभिन्न पार्षद और महिला टीएमसी कार्यकर्ता उपस्थित थे इस मौके पर यहां अपना वक्तव्य रखते हुए गुरदास चटर्जी ने कहा कि जिस दिन कोलकाता के आर जी कर में महिला डॉक्टर के साथ वह घृणित कार्य हुआ उसके 24 घंटे के अंदर बंगाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया उसके बाद मामले को सीबीआई को सौंपने की मांग की जा रही थी। अब यह मामला सीबीआई के हवाले है लेकिन इतने दिन हो जाने के बावजूद सीबीआई इस मामले में बंगाल पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए एक व्यक्ति के अतिरिक्त किसी और दूसरे व्यक्ति को गिरफ्तार नहीं कर पाई है वहीं राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य विधानसभा में अपराजिता बिल पास करवाया और उसे हस्ताक्षर के लिए राज्यपाल के पास भेजा गया लेकिन यह बड़े अफसोस की बात है कि अभी भी उस बिल पर राज्यपाल द्वारा हस्ताक्षर नहीं किया गया है और केंद्र सरकार इस बिल को कानून बनाने में टालमटोल कर रही है गुरदास चटर्जी ने कहा कि ममता बनर्जी महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए हमेशा प्रयास करतीं रहतीं हैं उनके द्वारा शुरू की गई परियोजनाएं इस बात का सबूत है कि महिला सशक्तिकरण ममता बनर्जी के लिए सिर्फ एक शगुफा नहीं वास्तविकता है वहीं दूसरी पार्टियों सिर्फ वोट के मैदान में फायदा उठाने के लिए महिलाओं की बात करती है लेकिन बंगाल की जनता यह समझ चुकी है कि महिलाओं के साथ सही मायने में कौन खड़ा है इसीलिए हाल ही में बंगाल में जो 6 केंद्रों में विधानसभा के उपचुनाव हुए उनमें सभी 6 सीटों पर टीएमसी को भारी जीत हासिल हुई और 2026 के विधानसभा चुनाव में भी विपक्ष को मुंह की खानी पड़ेगी वही संपा दां ने भी कहा कि कोलकाता में महिला डॉक्टर के साथ जो जघन्य कांड हुआ था उसके बाद ममता बनर्जी द्वारा अपराजिता बिल लाया गया विधानसभा में पास हो गया लेकिन राज्यपाल उस पर दस्तक नहीं कर रहे और केंद्र सरकार उसे कानून नहीं बना रही है उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी पार्टियों सिर्फ लोगों को बहकाना जानती हैं जबकि ममता बनर्जी सही मायने में महिलाओं को मजबूत करने का प्रयास कर रही है यह जनता समझ चुकी है और आने वाले समय में जनता विपक्षी पार्टियों को एक बार फिर इसका उचित जवाब देगी












